16 दिसम्बर के बाद कभी भी दी जा सकती है निर्भया कांड के आरोपियों को फांसी

निर्भया सामूहिक बलात्कार व हत्या मामले में तिहाड़ जेल में बंद चारों आरोपियों को 16 दिसम्बर के बाद फांसी दिये जाने की संभावना जताई जा रही है। जेल के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अभी राष्ट्रपति से दया याचिका रद्द किये जाने संबंधी किसी को कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सकता है।

जेल सूत्रों का कहना है कि जिस दिन राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज संबंधी दस्तावेज जेल प्रशासन को मिल जाएंगे उसके बाद ही जेल अधीक्षक ट्रायल कोर्ट जाकर ब्लैक वारंट ले सकेंगे। ब्लैक वारंट की एक-एक कापी चारों आरोपियों को मुहैया कराई जाएगी। क्योंकि ब्लैक वारंट में ही फांसी दिये जाने की तारीख का तय होगी। ब्लैक वारंट के बाद आरोपी अपने परिवार के जिस किसी भी व्यक्ति से मिलना चाहेंगे , उसे उनसे मिलाया जाएगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि ब्लैक वारंट मिलने के बाद 14 दिन के भीतर आरोपियों को फांसी दी जानी होती है। इसलिए यह कहना है कि चारों आरोपियों को 16 दिसम्बर को फांसी दी जाएगी फिलहाल इस बात की संभावना कम नजर आ रही है।

जेल सूत्रों का कहना है कि निर्भया कांड के चारों आरोपी अक्षय कुमार्र ंसह, विनय शर्मा, मुकेश तथा पवन गुप्ता चारों ही तिहाड़ जेल में बंद हैं। आरोपियों को समय-समय पर सुरक्षा की दृष्टि से एक-दूसरी जेल में भेजा जाता रहता है। जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जब भी ट्रायल कोर्ट से फांसी दिये जाने की तारीख तय होगी उसके बाद जल्लाद को किसी भी राज्य से बुलाया जा सकता है। इन दिनों तमिलनाडू, बंगाल और यूपी की जेल में जल्लाद हैं। बताया गया कि जिस तरह से अफजल गुरू को जेल के ही एक अधिकारी ने फांसी दी थी, ऐसा निर्भया मामले में नहीं होने की संभावना है। नये जेल नियम के मुताबिक चारों आरोपियों को फांसी दिये जाने के बाद पोस्टमार्टम कराना भी अनिवार्य है।


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