फिल्म ‘छपाक’ का ट्रेलर रिलीज, दर्दनाक हादसे को करती हैं बयां


एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी पर बेस्ड फिल्म ‘छपाक’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. मूवी में दीपिका पादुकोण लीड हीरोइन हैं और एसिड अटैक सर्वाइवर का रोल निभा रही हैं. मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी फिल्म में दीपिका के अपोजिट विक्रांत मैसी अहम रोल में दिखेंगे. छपाक के ट्रेलर को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है.

छपाक के फर्स्ट पोस्टर में दीपिका पादुकोण को एसिड अटैक सर्वाइवर लुक में देख फैंस निशब्द हो गए थे. दीपिका पोस्टर्स में हूबहू लक्ष्मी अग्रवाल जैसी नजर आईं. फिल्म में दीपिका के किरदार का नाम मालती है. सिनेमाघरों में छपाक 10 जनवरी 2020 को रिलीज होगी.

कैसा है फिल्म का ट्रेलर?

2 मिनट 19 सेकंड का ट्रेलर सिहरन पैदा करता है. छपाक कहानी है मालती की. एसिड अटैक के बाद एक पल ने मालती की जिंदगी में भूचाल ला दिया. ट्रेलर में एक झकझोर देने वाला सीन है जहां जले चेहरे की वजह से मालती ईयरिंग्स पहनने से मना करती है. मालती ने जले चेहरे की वजह से घर में छुपने की बजाय लड़ना बेहतर समझा.

अपने बुलंद हौसलों की बदौलत मालती को जले हुए चेहरे से हमेशा के लिए पर्दा हटाने में मदद मिलती है. एसिड अटैक सर्वाइवर लुक में दीपिका काफी हद तक लक्ष्मी अग्रवाल जैसी दिखी हैं. उनके एक्सप्रेशन और एक्टिंग में वो दर्द और खलिस साफ दिखी, जो कोई भी एसिड अटैक सर्वाइवर महसूस करती है. विक्रांत और दीपिका की केमिस्ट्री रिफ्रेशिंग है. ट्रेलर में डायरेक्टर मेघना गुलजार वो इंटेसिटी और दर्द दिखाने में कामयाब रही हैं, जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच कर लाने में सफल रहेगा.

2 साल बाद दीपिका पादुकोण पर्दे पर आएंगी नजर:

शादी के बाद छपाक दीपिका की पहली रिलीज है. दीपिका की पिछली रिलीज पद्मावत थी. 2 साल बाद दीपिका पादुकोण पर्दे पर नजर आएंगी. 10 जनवरी को उनकी फिल्म की अजय देवगन स्टारर फिल्म तानाजी: द अनसंग वॉरियर से टक्कर होगी. दोनों ही फिल्मों का कंटेंट अलग है. दोनों ही बड़े स्टार्स की फिल्म हैं. ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर कौन बाजी मारता है, ये देखना दिलचस्प होगा.

कौन है लक्ष्मी अग्रवाल:
लक्ष्मी अग्रवाल पर 2005 में एक मनचले शख्स ने तेजाब फेंका था. लक्ष्मी के साथ ये घिनौनी वारदात सिर्फ इसलिए हुई थी क्योंकि उन्होंने उस शख्स के शादी के प्रपोजल ठुकरा दिया था. तेजाब की वजह से लक्ष्मी का पूरा चेहरा खराब हो गया था. पूरा चेबरा बर्बाद होने के बाद भी लक्ष्मी ने जिंदगी से हार नहीं मानी. उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी. लक्ष्मी के बुलंद इरादों की बदौलत लोकल दुकानों में एसिड और कैमिकल की बिक्री को लेकर सख्त कानून बना.


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