पोषाहार कालाबाजारी मामले की हो उच्च स्तरीय जाँच

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । आज आँगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने विकास खण्ड दुद्धी और म्योरपुर में सेवा से बर्खास्त 28 आँगनबाड़ी कार्यकार्तियों को कूटरचित मनगढंत तरीके से बर्खास्त करने के विरोध में मुख्यमंत्री को पत्र लिख पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराने की मांग की है। आँगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने जिला कार्यक्रम अधिकारी व पोषाहार वितरण एजेंसी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में ही यह अवगत कराया गया था कि एजेन्सीयों द्वारा ट्रान्सपोर्ट के माध्यम से पोषाहार की सप्लाई प्रायः मध्यरात्रि को केन्द्रों से पृथक की जाती रही है। जिसमें प्रायः 2 से 4 बोरी कम प्रत्येक आपूर्ति में कम वितरण किया जाता रहा है। जिसकी सूचना ब्लाक परियोजना अधिकारी व मुख्य सेविका को दिये जाने पर यह कहा जाता था कि यह उच्चस्तर की सप्लाई है, जिसकी लखनऊ के बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। अगर यह बात बाहर कहोगी तो सत्यापन कराकर कम बोरी दिखा कर बर्खास्त कर दिया जायेगा। जिस कारण दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद कर रही कार्यकार्तियाँ चुप रही और अन्ततः स्टाक आपूर्ति सत्यापन के समय कम पायी गयी जिसकी विस्तृत जाँच में बयान विभाग के अधिकारी से पृथक है। पोषाहार वितरण में अनियमितता व स्टाक की मूल कमी का मुख्य कारण बोरियो 45 अंकित कोडिंग का न होना है जो बोरियां सत्यापन के समय कम पायी गयी या उद्धत की गयी उसके कोड अंकित नहीं है जो स्पष्ट दर्शाता है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा अपने आप को सुरक्षित करने की नियमित कमजोर कार्यकत्रीयों पर अपने पाप व आरोप प्रत्यारोपित कर बचने का षड्यन्त्र किया गया और यह प्रयास किया गया कि निम्न स्तर पर दण्ड देकर ऊपर होने वाली कार्यवाही को बचाया जा सके। इस सम्बन्ध में पोषाहार वितरण से पोषाहार सप्लाई व पोषाहर के भुगतान सम्बन्धी प्रक्रिया में सम्मिलित सभी अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जॉच की मांग की साथ ही पोषाहार वितरण की प्रक्रिया को जटिल बनाने व स्टाक को कम ज्यादा समायोजित करने के दृष्टिकोण से मुख्य सेविका, बाल विकास परियोजना अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशन में कार्यकर्तीयों पर दबाव बनाकर कम ज्यादा स्टाक होने का प्रमाण पत्र ज्यादा स्टाक होने का प्रमाण पत्र लिया गया है व आपूर्तिकर्ता को लाभ पहुंचाने के दृष्टिकोण से स्टाक रजिस्टर में भी ओवर राइटिंग व रजिस्टर में हेर-फेर किया गया। उन्होंने बताया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्तीयों उच्च स्तर की पढ़ी लिखी नहीं है, जिस कारण समय-समय पर दबाये जाने पर दबती रही और अनियमितता की शिकायत होने पर अधिकारियों द्वारा कूट रचना कर उन्हीं के ऊपर कार्यवाही करायी गयी। 28 कार्यकर्तीयों में ऐसी भी कार्यकार्तियाँ शामिल है, जिनको मानदेय के अलावा उनका व उनके परिवार के भरण-पोषण का कोई दूसरा संसाधन उपलब्ध नहीं है। इसलिए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाय।


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