मानवेन्द्र स्वरूप छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार, शिक्षा जगत में हड़कंप

उत्तराखंड में करोड़ों रूपए के छात्रवृत्ति घोटाले में शासन द्वारा गठित एसआइटी ने मानवेंद्र स्वरूप को गिरफ्तार किया है । मानवेंद्र एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संयुक्त सचिव हैं और कानपुर में शिक्षक विधायक का चुनाव भी लड़ चुके हैं । मानवेंद्र का नाता शहर के प्रतिष्ठित स्वरूप घराने से है । उनकी गिरफ्तारी के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मचा हुआ है।

सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुसूचित जाति जनजाति की छात्रवृत्ति के वितरण में उत्तराखंड में करोड़ों का घोटाला हुआ है. हाइकोर्ट नैनीताल के निर्देश पर गठित एसआईटी इस बंदरबांट की जांच कर रही है. मंगलवार को ही एसआईटी ने देहरादून के तीन संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था । इस मुकदमें को दर्ज करने के बाद ही उत्तराखंड की एसआइटी ने मानवेंद्र स्वरूप की गिरफ्तारी की है. बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी की यह कार्रवाई रात में हुई थी लेकिन गुरूवार शाम को एसआइटी ने इसका खुलासा किया ।

देहरादून के प्रेमनगर थाना में दर्ज किया गया है मुकदमा

करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले का यह मुकदमा देहरादून के प्रेमनगर थाना में दर्ज किया गया है. एसआइटी के अफसरों का कहना है कि जांच में मिले साक्ष्यों, बैंक डिटेल, यूनीवर्सिटी से प्राप्त इनरोलमेंट नंबर और रिज़ल्ट्स और छात्रों के बयानों के आधार पर कई अनियमितताएं सामने आयीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.

एसआइटी की जांच में ये अनियमितताएं मिलीं

– एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज को वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक कुछ छात्रवृत्ति 4,31,99,000 प्राप्त हुई.
– शैक्षणिक संस्थान ने भारी मात्रा में प्रवेश दर्शाकर छात्रों के नाम से छात्रवृत्ति प्राप्त की लेकिन इनमें से अधिकतर छात्रों का संबंधित विश्वविद्यालय या बोर्ड में इनरोलमेंट दर्ज नहीं था, इसके अलावा अधिकांश छात्र अनुत्तीर्ण पाए गए.
– बहुत अधिक संख्या में प्रथम वर्ष में फेल छात्रों को द्वितीय वर्ष में दिखाकर फिर से छात्रवृत्ति पायी गई.
-अधिकांश छात्र जिनका प्रवेश संबंधित संस्थान में दर्शाया गया वे तत्कालीन समय में अन्य शैक्षणिक संस्थान में कुछ और कोर्स कर रहे थे.

कॉलेज के एजेंट से छात्रों से किया संपर्क

एसआइटी की जांच में एक और बात सामने आयी, जिसमें कहा गया है कि कॉलेज के कुछ एजेंटों ने गांव आकर छात्रों से संपर्क किया. छात्रों से प्रवेश फॅार्म और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए. इनमें से कुछ ही छात्र कॉलेज गए थे तथा बाद में कॉलेज छोड़ दिया था. छात्रों को छात्रवृत्ति के संबंध में कोई जानकारी ही नहीं थी. यह बातें छात्रों से जब बयान लिये गए तो एक—एक कर सामने आती गईं. इसी आधार पर एसआइटी का कहना है कि एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ने छात्रों का फर्जी प्रवेश दर्शाकर छात्रवृत्ति की धनराशि का गबन किया. कोर्ट से मानवेंद्र स्वरूप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी लिया गया.

पूर्व एमएलसी के बेटे हैं मानवेंद्र स्वरूप

मानवेंद्र स्वरूप एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संयुक्त सचिव होने के साथ पूर्व एमएलसी स्वर्गीय जगेंद्र स्वरूप के पुत्र भी हैं. पिता की मृत्यु के बाद वह एमएलसी चुनाव में दो बार अपना भाग्य आज़मा चुके हैं लेकिन दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. आपको बता दें कि शिक्षक विधायक की यह सीट कानपुर के स्वरूप परिवार के पास करीब नौ दशक तक रही थी ।


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