श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा : धर्म की रक्षा के लिए वामन देवता ने लिया अवतार

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । युवक मंगल दल के तत्वावधान में घोरावल ब्लॉक के सरौली गांव के डीह बाबा मंदिर प्रांगण में सप्तदिवसीय संगीतमय व लीलामय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा ग्राम में तृतीय दिवस की कथा में ध्रुव चरित्र की कथा कहते हुए कथा व्यास बाल व्यास आराधना शास्त्री ने कहा कि ईश्वर की भक्ति के लिए कोई उम्र, कोई अवस्था कोई मायने नहीं रखती अपितु जितनी जल्दी भक्ति का निवास हृदय में हो जाय उतना ही अच्छा है और उस जीव को श्रेष्ठ पद की प्राप्ति हो जाती है। ईश्वर की इसी प्रकार की भक्ति करने के कारण बालक ध्रुव को छोटी अवस्था में ही उत्तम पद ध्रुव लोक की प्राप्ति हुई और ध्रुव तारा सदा के लिए अमर हो गया। राजा ऋषभदेव व उनके वंश का वर्णन करते हुए जड़ भरत के चरित्र की कथा व उनके मोह में बंध कर अनेक जन्मों की कथा सुनाते हुए व्यास ने बताया कि हमारे देश का नाम भारत वर्ष राजा ऋषभ देव के पुत्र भरत के नाम से ही पड़ा है। कथा में अनेक प्रकार के रत्नों, मोतियों इत्यादि की प्राप्ति होती है और कथा के माध्यम से ही जीव को भव सागर से तरने का मार्ग मिलता है जैसे समुद्र से ही सभी रत्न व मणियां प्राप्त होती हैं। जब समस्त संसार मे दैत्यों से अत्याचार के द्वारा आधिपत्य जमा लिया और त्रिलोकी श्री हीन हो गयी। अन्ततः दैत्यों व देवताओं ने मिल कर समुद्र मंथन किया, जिससे चौदह रत्नों की प्राप्ति हुई जिसे दैत्यों व देवों में बांट दिया गया। भगवान वामन अवतार की कथा व राजा बलि के बंधन को स्वीकार कर भगवान नारायण ने अपने वचन भगत के वश में हैं। भगवान की पुष्टि की व देवी लक्ष्मी के रक्षा सूत्र बांध कर भगवान विष्णु को मांगने पर श्रीलक्ष्मीनारायण का पुनः वैकुंठ लोक गमन एवं रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है ये बताते हुए भक्त प्रह्लाद के चरित्र की कथा सुनाई।

जिसमें भगवान नृसिंह रूप में प्रकट हो कर हिरण्य कश्यप को उसके समस्त वरदान की याद दिलाते हुए उसके सीने को अपने नाखूनों से चीर दिया। कथा सुनते हुए भक्तों ने झांकी के माध्यम से सभी लीलाओं का आनंद लिया व यज्ञाचार्य सौरभ कुमार भारद्वाज के कुशल नेतृत्व में उनके सहयोगी पं0 दीपेंद्र कुमार पाण्डेय द्वारा समस्त पूजन व परायण का कार्य उत्तम ढंग से सम्पन्न कराया गया। चतुर्थ दिवस की कथा के विषय में बाल व्यास ने बताया कि प्रभु श्रीराम के चरित्र की कथा व श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव कल होगा। कथा में क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक संजय मिश्रा, वयोवृद्ध सुभद्रा व संगठन के संरक्षक जिलापंचायत सदस्य राजकुमार यादव के द्वारा विधि-विधान से पूजन अर्चन कर बांके बिहारी लाल की भव्य आरती की गई। संगठन के जिलाध्यक्ष सौरभ कांत पति तिवारी ने कार्यक्रम को सफलता पूर्वक जारी रखने के लिये सभी क्षेत्रवासियों व कमेटी के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उक्त अवसर पर मुख्य यजमान प्रेमनाथ उपाध्याय, मुनिव्यास गिरी, कृपाशंकर पटेल, रामायण यादव, नीतीश कुमार चतुर्वेदी, सुनील पाठक, लीला व्यास ज्ञानेश, मुकेश द्विवेदी, अजीत पटेल, हिमांशु, अवधेश पाण्डेय, छविनाथ, सुभाष, राकेश, अंकित, मनीष पटेल आदि लोग उपस्थित रहे।


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