लैरा नदी से रात भर हो रहा बालू का अवैध खनन

एस प्रसाद (संवाददाता)

-अवैध खनन में वनकर्मियों की भूमिका संदिग्ध

-करकोरी नदी ,डुडीपीपर व् लैरा पिकनिक स्पॉट बना खननकर्ताओ के लिए मुफीद स्थल

म्योरपुर। स्थानीय रेंज में कार्यालय से मात्र 3 किमी की दुरी पर स्थित लैरा नदी से इन दिनों खननकर्ता बेख़ौफ़ होकर खनन कर रहे है और वनकर्मी मूकदर्शक बनकर सबकुछ देख रहे है । विभाग की उदासीन रवैये से बालू के अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है जिससे खननकर्ता खुलेआम नदी से बालू खनन कर ट्रैक्टर से ढ़ुलाई कर रहे है।ग्रामीणों की माने तो अवैध खनन में वनकर्मियों की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है।मंगलवार को रातभर खननकर्ताओ द्वारा रेंज के करकोरी जंगल में स्थित नदी ,डूडी पीपर व् लैरा पिंकनिक स्पॉट से बालू का अवैध कर ट्रैक्टर से ढ़ुलाई की गयी और वनकर्मी गहरी निंद्रा में सोते रहे।खननकर्ताओं के ट्रैक्टर बालू लेकर उसी रास्ते से आते है जिस रास्ते से वन विभाग की टीम रात्रि में गश्त करती है इसके बावजूद ट्रैक्टर वन कर्मियों को दिखाई नही देती।अवैध खनन की सूचना ग्रामीणों द्वारा कई बार वन विभाग के उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है परन्तु इसके बावजूद अभी तक न तो अवैध खनन की जांच ही कि गयी और न ही खनन स्थल का स्थलीय निरीक्षण ही किया गया।बालू के अवैध खनन से नदी का स्वरूप भी बिगड़ता जा रहा है ।पिछले कई दिनों से बालू का अवैध खनन रात्रि में व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है।अवैध खनन पर अंकुश न लगना क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो वनकर्मियों के सामने ही खननकर्ता ट्रैक्टर से बालू लेकर चले जाते है और वनकर्मी कुछ नही कर पाते।क्षेत्रीय ग्रामीणों ने वनप्रभागिय अधिकारी रेनुकूट का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए अवैध खनन पर अंकुश लगाए जाने की मांग किया है।इस सन्दर्भ में जब वनप्रभागीय अधिकारी रेनुकूट एम पी सिंह से बात की गयी तो उन्हानें कहा कि यदि अवैध खनन हो रहा है तो अभी तत्काल रेंजर से बात करता हूँ।


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