कम्पोस्ट खाद के रूप परिवर्तित करने के सम्बन्ध में दी गई प्रयोगात्मक जानकारी

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

* मण्डलायुक्त एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली जोन द्वारा दी गयी जानकारी

पीलीभीत । मण्डलायुक्त रणवीर प्रसाद व पुलिस उप महानिरीक्षक बरेली जोन राकेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित की संयुक्त उपस्थिति में तहसील बीसलपुर के ग्राम परसिया में पराली के उचित प्रबंधन हेतु निर्मित कैप्सूल एवं वेस्ट डी कम्पोजर के सम्बन्ध में किसानों डेमो टेस्ट की जानकारी प्रदान करने हेतु गोष्टी का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में मण्डलायुक्त द्वारा किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि किसान बन्धु पराली खेत में किसी भी दशा में न जलाएं, क्योंकि फसल अवशेष के उचित प्रबन्धन हेतु नई प्रक्रिया खोज ली गई है जिसका डेमों टेस्ट आज आप सबके सम्मुख कराया गया है इस नई विधि को जिलाधिकारी द्वारा मनरेगा से जोड दिया गया जिसके माध्यम से किसान भाई अपनी पराली को जैविक खाद के रूप में परिवर्तित कर आर्थिक लाभ ले प्राप्त कर सकेगें।

मण्डलायुक्त ने कहा यदि यह प्रक्रिया सफल हुई तो माडल के तौर पर पीलीभीत से प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदेश स्तर से यह प्रक्रिया लागू की जायेगी और किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जायेगा।
मण्डलायुक्त ने कहा कि पराली जलाने से हमारे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।
सर्वोच्च न्यायालय के इस सम्बन्ध कडे़ निर्देश है कि कहीं भी पराली/पताई किसी भी दशा में न जलाई जाये, किसान भाईयों को सम्बोधित करते हुये कहा कि फसल अवशेष के उचित प्रबन्ध से सम्बन्धित जो डेमो दिखाया गया किसान बन्धु उसका उपयोग अवश्य करें उन्होंने कहा कि पराली के प्रबन्धन हेतु कृषि वैज्ञानिकों द्वारा पराली को जैविक खाद के रूप में परिवर्तित करने हेतु रुपये 20 के मूल्य में कैप्सूल विकसित कर उपलब्ध कराया गया है, जिससे उसका उपयोग कर 1 एकड़ की पराली को 15 दिन में जैविक खाद के रूप में गला कर उपयोग की जा सकती है इसके साथ ही साथ किसान बन्धु वेस्ट डी कंपोजर नामक दवाई के उपयोग के माध्यम से भी पराली का उचित प्रबन्धन किया जा सकता है रुपये 20 मूल्य के वेस्ट डी कम्पोजर के माध्यम से कई एकड की पराली/ पताई को खाद के रूप में परिवर्तित की जा सकती है।
इस सम्बन्ध में किसानों को जैविक कम्पोस्ट खाद तैयार की विधि के सम्बन्ध में भी प्रयोगात्मक जानकारी प्रदान की की गई।
मण्डलायुक्त द्वारा किसान बन्धुओं से अनुरोध करते हुये कहा कि आप सभी इन उपायो का उपयोग करते हुए अपने पर्यावरण को प्रदूषण से बचाएं और साथ ही भूमि की उर्वरता को भी बढ़ाएं। गोष्टी में पुलिस उप महानिरीक्षक ने किसान बन्धु को पराली/पताई जलाना अपराधिक कार्य है, कृप्या पराली/गन्ने की पताई न जलाकर बताये गये उपायों का प्रयोग करें। गोष्ठी में जिलाधिकारी द्वारा किसानों को सम्बोधित करते हुये कहा कि जो किसान बन्धु बड़े कश्तकार हैं वह अपने खेत में ही मनरेगा के माध्यम से गढढे खुदवाकर उपरोक्त प्रक्रिया को अपना सकते हैं जिन किसान भाईयों के पास छोटे खेत है वह ग्राम समाज की भूमि पर मनरेगा के माध्यम गढढे खुदवाकर जैविक खाद बना सकते हैं। कार्यक्रम के अन्त में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मण्डलायुक्त एवं पुलिस उप महानिरीक्षक का गोष्ठी में आने का आभार व्यक्त किया गया और किसान बन्धुओं से उपरोक्त प्रक्रिया अपनाने की अपील की गई।
गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी रमेश चन्द्र पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधिकारी,, उप जिलाधिकारी बीसलपुर, जिला विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार पाठक, जिला कृषि अधिकारी परियोजना निदेशक अनिल कुमार, डीसी मनरेगा मृणाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी व तहसीलदार बीसलपुर, खण्ड विकास अधिकारी बीसलपुर सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!