गंगा कटान किसानों के लिए बना अभिशाप

अबुलकैश डब्बल
* लगातर गुहार लगाने के बाद भी नतीजा रहा शून्य
* सरकार और जनप्रतिनिधियों ने नही दिखाई दिलचस्पी

धानापुर। बदला निजाम, बदले नुमाइंदे लेकिन नही बदली तो किसानों की सूरतेहाल। गंगा में बाढ़ हर साल तटवर्ती किसानों लिए श्राप बनकर आ रही है और उससे हो रही कटान उनके लिके अभिशाप बनी हुई है। हर साल कटान से सैकड़ो एकड़ फसल जहां बर्बाद हो रही है वहीं कटान से हर साल सैकड़ो बीघा जमीन भी गंगा में चली जा रही हैं। जिसको लेकर क्षेत्र के रामपुर दिया, प्रसहटा, नौघरा, बुद्धपुर रायपुर, सहित दर्जनों गांव के किसान कटान का दंश झेल रहे हैं और दर्जनों बार सरकार और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनने वाला नही है। एक वर्ष पूर्व समाजसेवी अंजनी सिंह के नेतृत्व में किसानों ने अनवरत धरना प्रदर्शन करने के बाद प्रशासन कुछ हरकत में आया और शासन को रिपोर्ट भेजा गया जिसमें कटान को रोकने के लिए जांच का काम किया गया लेकिन जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये के कारण उसमे गति नही मिल पाई। कटान प्रभावित किसान छबीनाथ यादव, अबुलकैश, शाहनवाज खान, रामजी यादव मुन्ना उपाध्याय जगदीश प्रसाद बेचन यादव अवधेश सिंह मदन जी रामराज यादव अल्पनाथ, कमलेश का कहना है कि चुनाव के दौरान सांसद विधायक की दौड़ लगती है और कटान की चर्चा होती है लेकिन उसके बाद सब भूल जाते हैं। किसानों का कहना है कि वर्षो पूर्व बड़े काश्तकारों में गिनती होने वाले किसान आज भूमिहीन हो गए हैं कुछ होने वाले हैं लेकिन सिर्फ राजनीति करने वाले किसानों के हित की झूठी दम्भ भरते हैं। किसानों ने एक बार फिर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कटान से मुक्ति दिलाने की मांग की है।


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