पराली जलाने पर एफआईआर रोकने को लेकर धरना

अविनाश श्रीवास्तव (संवाददाता)

रोहतास जिले के करगहर प्रखंड मुख्यालय परिसर में किसान महासंघ के द्वारा सांकेतिक रूप से धरना दिया गया। मीडिया से बातचीत करते हुए किसान महासंघ के संस्थापक रामाशंकर सरकार ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा किसानों को पराली (पुआल) जलाने पर एफ आई आर करने के तुगलकी फरमान को वापस ले। नवम्बर माह का अंतिम सप्ताह चल रहा है पर किसान हार्वेस्टर से धान की कटाई करने से सहमे हुए, जिस कारण रब्बी फसल की बुआई करने में विलंब हो रहा है। पराली जलाने से जितना प्रदूषण होता है। उससे कई गुना किसान पर्यावरण को शुद्ध करते हैं इसलिए गांव में आज भी प्रदूषण मानक से कम है। सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार ₹100 प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान करें तो किसान पराली नहीं जलाएंगे। यदि सरकार ₹100 प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान नहीं करती है तो पुआल जलाने की जिम्मेवारी सरकार की होगी। सरकार द्वारा 15 नवंबर 2019 से धान की सरकारी खरीद अभियान की घोषणा की गई है । लेकिन प्रशासन द्वारा धान खरीद के लिए आज तक एक भी क्रय केंद्र पर नहीं खोला है। इसलिए सरकार किसानों के हित में खरीद एजेंसियों द्वारा धान की खरीद तत्काल करवाएं।


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