राजद ने एक बार फिर आबादी के आधार पर आरक्षण की मांग उठायी

अविनाश श्रीवास्तव (संवाददाता)

राजद ने एक बार फिर आबादी के आधार पर आरक्षण की मांग उठाई है। वरिष्ठ राजद नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ कांति सिंह ने मांग किया है की सरकार आबादी के आधार पर आरक्षण का प्रावधान करें। क्योंकि जिस तरह से पिछड़ों, अति पिछड़ों की आबादी 52% है। उसे महज 27% में समेट कर रख दिया गया है। इसलिए जिसकी जितनी भागीदारी है। उसे उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने आज सासाराम में ‘नीतीश कुमार का भंडाफोड़ सम्मेलन’ के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। इस सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विजय मंडल ने किया। डॉ. कांति सिंह ने कहा कि राजद सिर्फ आरक्षण की बात नहीं करती है, बल्कि वह जमीनी स्तर पर आरक्षण लागू करने के पक्षधर हैं। यही कारण है कि उनकी पार्टी ने दलीय व्यवस्था में भी आरक्षण का प्रावधान किया है। जिलाध्यक्ष हो या प्रखंड अध्यक्ष तथा अन्य पदों में भी आरक्षण रोस्टर लागू किया है।जिससे हर वर्ग के लोगों का राजद के संगठन में भागीदारी सुनिश्चित हो गई है। राजद ने जिस प्रकार आरक्षण को लेकर अपने दल में पारदर्शिता दिखाई है। दूसरे दलों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए तथा अपने अपने संगठनों में भी आरक्षण को लागू करना चाहिए। तभी यह स्पष्ट हो पाएगा कि वे लोग आरक्षण के कितने हिमायती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे सवर्णों के 10% आरक्षण का विरोध नहीं करती है। लेकिन आजादी के बाद से जिन लोगों की जनसंख्या अधिक है। उन्हें उतनी भागीदारी नहीं मिल पा रही है।जितने के वे हकदार हैं। इसलिए आज जरूरी है की यह सरकार आबादी के हिसाब से आरक्षण लागू करें। तभी सामाजिक रूप से विकास हो पाएगा।


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