तोरा मन दर्पण कहलाए, भले बुरे सारे कर्मो को देखें और दिखाए

राजीव दुबे (संवाददाता)

★ मन को पवित्र करने के बाद ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है- दिलीप कृष्ण भारद्वाज

मीरजापुर । मन को पवित्र करने के बाद ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है इसके लिए भक्ति देवी की शरण में जाना अनिवार्य है । जब भक्ति देवी की कृपा मिलती है तब प्रभू भक्त को अपनी गोदी में बैठा लेते हैं । उक्त प्रसंग श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ के मण्डप में श्रीराम कथा के दौरान व्यासपीठ से दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने बताया ।
उन्होंने हनुमान चालीसा के दोहा निज मनु मुकुर सुधार की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान को छल कपट पसंद नहीं है । जो चीज उन्हें पसंद नहीं है उसे लेकर कोई पहुंचेगा तो वह प्रिय हो ही नहीं सकता । भक्ति को पाने के बाद ही परम पिता परमेश्वर की कृपा अनायास ही मिल जाती हैं । मन को भ्रमित न करें भक्ति देवी मन को पवित्र करती है । तोरा मन दर्पण कहलाए, भले बुरे सारे कर्मो को देखें और दिखाएं की संगीतमय तान छेड़ा तो भक्तगण मंत्रमुग्ध हो उठे ।
श्री भारद्वाज जी ने कहा कि मंथरा कोई सामान्य नारी नहीं है । वह बड़ी रानी और छोटी रानी सबके साथ कथा सुनने जाती थी । उन्होंने कहा कि मीठी-मीठी बातें करने वाला सदैव अपना ही स्वार्थ सिद्ध करता हैं । अतिप्रिय बोलने वाला सदैव लम्बा चुना लगाता है । कहा कि धनुष, सांप, बिल्ली प्रजाति के जानवर और नीच मानसिकता के लोग जब झुकते हैं तो समझ लीजिए वह वार वार करने वाले हैं ।

श्रीराम कथा के अंतिम दिन उन्होंने कहा कि सदियों से भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का इंतजार आज समाप्त हो गया । पृथ्वी के केंद्र बिन्दु पर विराजमान माता विंध्यवासिनी के विन्ध्य क्षेत्र में कथा वाचन ऐतिहासिक है । जिस फैसले को सुनने के लिए साढ़े पांच सौ साल में कई पीढ़ियां गुजर गईं । हमसब बड़े भाग्यशाली हैं जो हमें रामलला जन्म भुमि विवाद के समाप्त होने का संदेश मिला । श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ ही यज्ञ मण्डप की परिक्रमा करने के लिए भोर से ही भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा था । देर रात तक परिक्रमा कर भक्तों ने जगत का पालन करने वाले नारायण एवं सम्पूर्ण विश्व को अपने मन के अनुकूल रखने के साथ ही वश में करने वाली माता लक्ष्मी से मन्नत पूरी करने की कामना की ।

श्रीराम कथा में बह रही गंगोत्री में सांसद रामशकल, मनोज श्रीवास्तव, मौजी दूबे, अमित दूबे, रामकुमार तिवारी, सुशील दूबे, पारसनाथ मिश्र, मधुकर मिश्र, राजबहादुर सिंह, पुष्पराज दूबे, डॉ0 गणेश प्रसाद अवस्थी, रामचंद्र शुक्ल, श्यामधर पाण्डेय, मनोज दमकल, रविशंकर साहू, सूर्यकांत तिवारी, राघवेन्द्र पाण्डेय, ब्रह्मदेव सिंह, मुकेश रावत, अशोक द्विवेदी, गोपाल केशरवानी एवं अनिल अग्रहरि समेत हजारों भक्तों ने गोता लगाया । कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र तिवारी ने किया ।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!