टेरर फंडिंग मामले में एक आरोपी के सरेंडर करने की चर्चा पर एक्शन में दिखी पुलिस

उमेश शर्मा (ब्यूरो)

लखीमपुर खीरी । 10 अक्टूबर को टेरर फंडिंग मामले में भारत नेपाल सीमा से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था जिसमें से अभी कई अभियुक्त फरार चल रहे हैं देश की कई जांच एजेंसियां अलग अलग तरीके से इस टेरर फंडिंग मामले को अपने हिसाब से गहन छानबीन कर अन्य विदेशों से जुड़े तारों की गहराई से जांच कर रही हैं । इसी मामले में एक और मुख्य अभियुक्त बरेली के सदाकत ने आज 22 अक्टूबर को लखीमपुर की कोर्ट में सरेंडर की एप्लीकेशन लगाई थी जिसको लेकर आज कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था । किंतु लगभग 1:00 बजे सदाकत की तरफ से एप्लीकेशन आ गई कि वह एक अन्य मामले में बरेली जेल में निरुद्ध है । इस जानकारी के आते ही पुलिस काफी सकते में आ गई और जांच एजेंसियों मैं भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला । विदित हो करोड़ों रुपए की टेरर फंडिंग नेपाल के रास्ते भारत के लखीमपुर से वाया बरेली बरेली से वाया दिल्ली दिल्ली से वाया अन्य आतंकवादी संगठनों तक पहुंचाने का मामला प्रकाश में आया था । जिसकी जांच देश की कई एजेंसी गहनता से कर रही हैं और इसमें अभी तक 6 लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं । जिन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर रही है ।सैकड़ों लोगों के खाते खंगाले जा रहे हैं और साथ ही कई जनपदों के लोगों के भी इस मामले में शामिल होने के तार पुलिस को नजर आ रहे हैं । सबसे पहले पुलिस को नेपाल की पुलिस से यह सूचना मिली थी कि कुछ देशों से नेपाल के बैंकों में फंडिंग भेजी जाती है और उसे कुछ लोग निकाल कर भारत के रास्ते आतंकवादियों तक पहुंचा रहे हैं । इसी को संज्ञान में लेकर जांच एजेंसियों ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया था जिसके तहत लखीमपुर खीरी में भारत नेपाल सीमा से चार अभियुक्तों को पकड़ा गया था । जिसमें दो अभियुक्त लखीमपुर खीरी के थे तथा दो अभियुक्त बरेली के पकड़े गए थे । उन्हीं से गहनता से जांच पड़ताल चल रही है जिससे कई और कड़ियां खुलती जा रही हैं देश की लगभग आतंकवाद से जुड़ी सभी बड़ी एजेंसियां इस मामले की जांच गहनता से कर रही हैं । यह मामला काफी हाई प्रोफाइल माना जा रहा है ।


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