छः दिवसीय नाटक के मंचन का भब्य आगाज

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

विंढमगंज । दुद्धी व्लाक के महुली में महुअरिया टोले के शिव मंदिर पर सोमवार को श्री शंकर झंकार नाट्य कला परिषद द्वारा आयोजित छः दिवसीय नाटय के मंचन का भब्य आगाज मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ समाज सेवी जे पी यादव ने फीता काट कर किया।

श्री यादव ने कहा कि नाटक केवल देखने की विधा नही है, यह समाज को जागृति देने का एक साधन भी है। नाटक को केवल मनोरंजन तक सीमित न रख कर उस नाटक की शिक्षा को अपने जीवन मे उतारें व उसको आत्मसात भी करें। आज जो नाटक मंचित है उसका मुख्य बात यही है कि अच्छे कर्मों का परिणाम अच्छा व खराब कर्मों का परिणाम खराब होता है। यह शत-प्रतिशत तय है कि कर्मो के परिणाम अवश्य मिलतें हैं।

क्रय-विक्रय समिति के अध्यक्ष रामेश्वर राय ने कहा कि नाट्यकला का मानव जीवन से गहरा नाता रहा है। बदलते परिवेश में इस कला को जीवंत बनाए रखने के लिए जनसहयोग जरूरी है। इससे सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध समाज को खड़ा करने में नाटक का बहुमूल्य योगदान होता है। यह तो हमारा सौभाग्य है कि महुली जैसे छोटे गाँव में ग्रामीण कलाकारों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित होने का अवसर मिला।

ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण कलाकारों को निखरने का मौका मिलता है वहीं गाव के लोगों का मनोरंजन के साथ-साथ नाटक के माध्यम से सिखने का भी मौका मिलता है। प्रथम दिवस के नाटक मन्चन में “सौतेली मां” नाटक का मन्चन बड़ी ही रोचकता से किया गया। इस शिक्षा प्रद नाटक के मन्चन को देखकर उपस्थित दर्शक आत्मविभोर हो गये। इस मौके पर राजदेव जायसवाल, अभिनाथ यादव, मानिक चंद, शेषमणि चौबे, पंकज गोस्वामी, दिलीप कनौजिया तथा संचालन सेकरार अहमद ने किया।

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