बैकफुट पर आई सरकार, कहा किसी भी परिस्थिति में नहीं जाएगी होमगार्ड की नौकरी

उत्तर प्रदेश सरकार 25,000 होमगार्डों को नौकरी से निकालने के अपने फैसले से पीछे हट गई है। चौतरफा आलोचना ने बीच प्रदेश के सैनिक कल्याण और होमगार्ड्स मंत्री चेतन चौहान ने कहा है कि किसी भी होमगार्ड की किसी भी परिस्थिति में नौकरी नहीं जाएगी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘उत्तर प्रदेश के किसी भी होमगार्ड जवान को नहीं निकाला जाएगा, निकृष्टतम परिस्थितियों में भी नही ।

चेतन चौहान ने कहा कि सीमित जवान और कम ड्यूटी के फॉर्मूले से हल निकला है। 31 मार्च के बाद सभी होमगार्ड को नए मानदेय के साथ ड्यूटी मिलेगी। मंत्री ने कहा कि नए बजट में होमगार्ड और पुलिस का बजट बढ़ेगा ।

होमगार्ड की संख्या में कटौती

बता दें, कानून व्यवस्था में ड्यूटी करने वाले होमगार्डों की संख्या में 32 फीसदी तक की कटौती की गई है । सोमवार के आदेश के मुताबिक एडीजी के आदेश के बाद 25 हजार होमगार्ड की सेवाएं समाप्त हुई हैं । एडीजी पुलिस मुख्यालय, बीपी जोगदंड की ओर से यह आदेश जारी किया था । 28 अगस्त को मुख्य सचिव की बैठक में ड्यूटी समाप्त करने का फैसला लिया गया था । अब तक 40 हजार होमगार्ड्स की ड्यूटी समाप्त की जा चुकी है।

बजट की कमी बनी समस्या

अभी हाल में इंडिया टुडे से बात करते हुए योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा था कि होमगार्ड विभाग के लिए आवंटित बजट वर्तमान में नहीं बढ़ाया जा सकता है लेकिन भविष्य में इसे बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे । हालांकि मंगलवार को होमगार्ड मंत्री के दिए बयान से प्रदेश के होमगार्ड्स को बड़ी राहत मिलती दिख रही है ।

होमगार्डों को 672 रु. भत्ता

होमगार्डों को पहले 500 रुपये का रोजाना भत्ता मिलता था, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 672 रुपये कर दिया गया था । माना जा रहा है कि इससे उत्तर प्रदेश पुलिस के बजट पर असर पड़ रहा था । होमगार्डों की कोई तय मासिक तनख्वाह नहीं होती है और ड्यूटी के दिनों के आधार पर मानदेय दिया जाता है ।


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