कासगंज में एसआईटी जांच के बाद बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, 90 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त

यूपी के जनपद कासगंज में एसआईटी जांच के बाद बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है जनपद कासगंज में एसआईटी की रिपोर्ट के बाद 90 शिक्षक शिक्षिकाओं की नीतियां निरस्त करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं ।बमामला दरअसल डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में b.Ed घोटाले से जुड़ा हुआ है इस मामले की जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट एसआईटी को सौंपी हुई है एसआईटी 2004 से लेकर 2014 तक के सभी b.Ed धारकों की जांच कर रही है एसआईटी ने अपनी जांच में पाया है कि बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्री और मार्कशीट के अलावा बड़े पैमाने पर मार्कशीट्स में नंबरों का भी हेरफेर किया गया है एसआईटी ने जब असली चार्ट और फर्जी चार्ट का मिलान किया तब जाकर यह मामला पकड़ में आया है जिसके बाद एसआईटी ने बड़े पैमाने पर जनपद वार सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सीडी सौंपी है जिसमें फर्जी डिग्री के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है कासगंज की बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजलि अग्रवाल ने एसआईटी से सीडी मिलने के बाद शिक्षक शिक्षिकाओं का चिमनी करण करने के बाद 90 शिक्षक शिक्षिकाओं को उनकी सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है आपको बताते चलें आगरा के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में सन् 2002 से लेकर 2008 के बीच बड़े पैमाने पर b.Ed घोटाला हुआ है जिसके बाद विश्वविद्यालय लगातार घेरे में रहा है एसआईटी की जांच के बाद कासगंज में तैनात शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है ।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!