अयोध्या भूमि विवाद मामले में सोमवार से अंतिम दौर की सुनवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट में दशहरे की हफ्तेभर की छुट्टी के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले में सोमवार से अंतिम दौर की सुनवाई होगी। संविधान पीठ में सुनवाई का यह 38वां दिन होगा। सुरक्षा के मद्देनजर अयोध्या में प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने इस मुद्दे का हल निकालने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया के नाकाम होने के बाद 6 अगस्त से रोजाना कार्रवाई शुरू की थी।

सोमवार को सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने अपनी दलील रखना जब शुरू किया तो उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसपर हिंदू पक्ष ने सवाल खड़े कर दिए । राजीव धवन ने अपनी दलीलों के दौरान अदालत में कहा कि मैंने सुनवाई के दौरान एक बात नोटिस की है कि आपके सभी सवाल मेरी तरफ होते हैं, उनकी (हिंदू पक्ष) की ओर कोई सवाल नहीं होते हैं । लॉर्डशिप आप उनसे भी कुछ सवाल पूछ सकते हैं ।

इसपर हिंदू पक्ष की ओर से सीएस वैद्यनाथन ने आपत्ति जताई और कहा कि ये पूरी तरह गलत बयान है, ऐसा कहने की जरूरत नहीं है. इसपर राजीव धवन ने जवाब दिया कि ये बिल्कुल भी गलत नहीं है, मैं जवाब देने के लिए बाध्य हूं ।लेकिन सभी सवाल मेरे लिए ही क्यों हो रहे हैं?

राजीव धवन के इस बयान को कोर्ट ने पूरी तरह से इग्नोर किया और कहा कि आप सिर्फ उन सवालों का जवाब देते हैं, जो हम पूछते हैं ।

सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ 14 अपीलों पर सुनवाई कर रहा है। पीठ ने इस मामले में न्यायालय की कार्रवाई पूरी करने की समय सीमा की समीक्षा की थी और इसके लिए 17 अक्टूबर की सीमा तय की है। इसके बाद करीब चार हफ्ते तक फैसला लिखा जाएगा।

मुस्लिम पक्ष के बाद हिंदू पक्ष को दो दिन का समय
बेंच के सदस्यों में जस्टिस एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नजीर भी शामिल हैं। कोर्ट ने अंतिम चरण की दलीलों के लिए कार्यक्रम निर्धारित करते हुए कहा था कि मुस्लिम पक्ष 14 अक्टूबरतक अपनी दलीलें पूरी करेंगे और इसके बाद हिंदू पक्षकारों को जवाब देने के लिए 16 अक्टूबर तक 2 दिन का समय दिया जाएगा।


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