उपकोषागार दुद्धी के स्थानांतरण से क्षुब्ध अधिवक्ताओं ने रांची-रीवाँ मार्ग को सांकेतिक जाम कर जताया विरोध

राजा (संवाददाता)

■ दुद्धी उपकोषागार को यथावत रखने की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

दुद्धी। जिला प्रशासन की ढुलमुल नीति के खिलाफ आज अधिवक्ताओं व समाज के विभिन्न वर्गों के मुखियाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उप कोषागार दुद्धी के स्थानांतरण के विरोध में सभी लोगों ने मिलकर आज गुरुवार की दोपहर पौने एक बजे तहसील तिराहे पर एकत्रित होकर रांची-रीवाँ मार्ग को सांकेतिक रूप से जाम कर दिया और जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगें। मौके पर पहुँचे उपजिलाधिकारी सुशील कुमार यादव ने उनकी आवाज सरकार तक पहुँचाने की बात कह कर किसी तरह से जाम खुलवाया । तब जाकर आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका।

जानकारी के मुताबिक आज गुरुवार की दोपहर साढ़े बारह बजे कचहरी के अधिवक्तागण, नगर पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न राजनीति दलों के अगुवा व विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध जनों ने दुद्धी उप कोषागार को यहां से स्थानान्तरण हो जाने के विरोध में मुंसिफ कोर्ट से नगर जुलूस निकाला । यह जुलूस नगर भ्रमण करते व नारेबाजी करते हुए माँ काली मंदिर तिराहा पहुँचा जहाँ से वापस होकर तहसील तिराहे पहुँच कर रांची रीवाँ मार्ग पर सांकेतिक जाम लगाकर सभा में परिवर्तित हो गयीं जहाँ जिला प्रसाशन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर भड़ास निकाली गई।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व बार संघ अध्यक्ष दिनेश अग्रहरी ने कहा कि आजादी के बाद से ही यहां उप कोषागार दुद्धी मौजूद है लेकिन जिला प्रसाशन कमीशन खाने के चक्कर में यहां के उप कोषागार में स्टाम्प की बिक्री 5 करोड़ से कम वार्षिक दिखाकर यहां से हटाकर मुख्यालय सोंनभद्र कोषागार से सम्बद्ध कर दिया गया है जबकि यहां की स्टाम्प की वास्तविक वार्षिक बिक्री 15 करोड़ 72 लाख 87 हजार है।इसे जानबूझकर कम दिखाकर अतिरिक्त स्टाम्प की बिक्री जिला कोषागार के बिक्री में दिखा दिया जा रहा है जिससे कमीशनखोरी हो सके।
बार संघ अध्यक्ष कुलभुषण पांडेय ने कहा कि यहाँ पिछले तीन दशक से जिला बनाने की मांग चली आ रही है । इसे जिला ना बनाकर इसके उलट यहां से उप कोषागार दुद्धी ही यहां से हटाकर जिला मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया गया। कहा कि यह सब यहां की जनता से छलावा है इससे जनता को परेशानी के साथ साथ स्टाम्प में कालाबाजारी भी शुरू हो जाएगा अतः सरकार को तुरंत अपने फैसके को बदलना होगा । सपा नेता जुबेर आलम और बसपा विधानसभा अध्यक्ष राजेश घुसिया ने संयुक्त रूप से कहा कि यह सब अधिकारियों का षणयंत्र है कि यहां की स्टाम्प की वास्तविक बिक्री कम दिखाकर उलटा सीधा शासन को रिपोर्ट कर दिया गया है। जिस अधिकारी ने यह रिपोर्ट भेजी है उसके खिलाफ सरकार जांच कराकर कार्रवाई करें। अंत में सभी लोगों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सुशील कुमार यादव को सौंपा। जिस पर उपजिलाधिकारी ने उनकी आवाज सरकार तक पहुँचाने की भरपूर अश्वासन दिया ।

इस मौके पर अमिताभ जायसवाल, राजेन्द्र श्रीवास्तव, प्रभु सिंह, प्रेमचंद्र यादव, आंनद गुप्ता, अवधनारायण यादव, डॉ लवकुश ,अरुणोदय जौहरी, राकेश श्रीवास्तव, रामपाल जौहरी, अजय रतनेन्द्र, नीरज सिंह के साथ सैकड़ो अधिवक्ता व प्रबुद्धजन मौजूद रहें।


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