रावण दहन होते ही मनाया गया विजयादशमी का त्योहार

पी0 के0 विश्वकर्मा (संवाददाता)

कोन । पारम्परिक रूप से रावण का पुतला दहन कर असत्य पर सत्य की जीत के रूप मे विजयादशमी का त्योहार मनाया जाने की परम्परा पूर्वजों से कोन में असत्य रुपी रावण का पुतला दहन कर मनाया जाता है । जो लगातार तेरहवें दिन तक रामलीला मंचन के बाद विजयादशमी के दिन सांय रावण का विशालकाय पुलता का राम ने दहन किया । जिसे देखने के लिए कोन क्षेत्र के आसपास के दर्जनों गांवों के बच्चों समेत ग्रामीण कोन रामलीला स्थल पहुचे । जहाँ लगभग 6.30 बजे सांय रावण का पुतला दहन हुआ। इसके बाद सभी लोग एक दूसरे से मिलने की परम्परा चालू हो गयी। इस दशहरे में भारी भीड़ को देखते हुए शान्ति व सुरक्षा व्यवस्था हेतु नियुक्त बतौर मजिस्ट्रेट पीडब्ल्यूडी इंजीनियर आर के सिंह समेत प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह समेत भारी संख्या मे पुलिस फोर्स तैनात रहे ।


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