अधर्म पर धर्म की हुई विजय, महुली में धूं-धूं कर जला अभिमानी दशानन

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

विंढमगंज ।थाना अंतर्गत महुली कस्बे के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर विजयदशमी के अवसर पर आज रामलीला के बारहवें दिन रावण बद्ध लीला का मंचन किया गया। युद्ध भूमि में लंका की सारी सेना मारे जाने के बाद महारानी मंदोदरी कहती है कि हे स्वामी आपके अहंकार के कारण मैने अपने सभी पुत्रों को खो दिया।आपने अपने कुम्भकर्ण जैसे बलशाली भाइयों को खो दिया।हे स्वामी आपने जिससे झगड़ा मोल लिया है वे कोई नर नहीं, स्वयं नारायण है। परन्तु हठी दशानन एक नही सुनता है तथा पातालपुरी से अपने पुत्र अहिरावण को बुलवाकर राम लक्ष्मण को हर कर लाने को कहता है। परन्तु वह भी युद्ध भूमि में मारा जाता हैं।

मेघनाद के मारे जाने पर रावण स्वयं युद्ध करने रणक्षेत्र में आता है। प्रभु श्रीराम और रावण के बीच घमासान युद्ध होने लगता है। भगवान राम रावण के सिर काटते जाते है परन्तु तुरंत ही रावण के धड़ पर नया सिर आ जाता है।प्रभु श्री राम इस माया को देखकर हैरान हो जाते है।

रावण के वध का कोई उपाय न देखकर भगवान राम चिंता में पड़ जाते है।इस बीच रावण का छोटा भाई विभिषण आकर भगवान राम से कहता है कि हे रघुनंदन, रावण महायोगी है। इसने अपने योग बल से प्राण को नाभि में स्थिर कर रखा है।

आप अपने दिव्य बाण रावण की नाभि में मारिए। इससे आप रावण का वध करने में सफल होंगे। भगवान राम इस रहस्य को जानकर उत्साहित होते है और नाभि की ओर निशाना साध कर बाण चला देते है। रावण तड़पकर युद्ध भूमि पर गिर पड़ता है। इस तरह भगवान राम रावण का वध करने में सफल हो जाते है।

इस प्रकार धूं -धूं कर रावण जल जाता है तथा पापों का अंत होता है एवं असत्य पर सत्य की विजय होती है।इस अवसर पर रामलीला समिति के सभी पदाधिकारियों एवं पात्रों को लैम्पस सचिव सूर्य प्रकाश कन्नौजिया द्वारा अंगवत्रम से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रामलीला मैदान में भव्य मेले का आयोजन किया गया।सुरक्षा व्यवस्था में कमेटी के पदाधिकारी सहित विंढमगंज पुलिस तथा पीएसी के जवान मौजूद रहे।


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