एनटीपीसी विंध्याचल का ऐशडैम फूटा, करोड़ों का नुकसान

सिंगरौली । देश के विशालतम तापीय विजली परियाजना एनटीपीसी विंध्याचल का शाहपुर स्थित विशालकाय राख बांध रविवार सायं करीब 5:00 बजे ढह गया । जिससे तांडव मचाते तेज रफ्तार में राख मिश्रित बाढ़ बहते हुए सूर्या नाला गहिलगढ़ अमहवा टोला जुवाड़ी से बहते हुए रिहंद जलाशय के ओर बह रहा है ।

घटना कि सूचना मिलते ही टीआई मनीष त्रिपाठी एवं एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी सदल बल मौके पर पहुंचकर घटना का मंजर देखते हुए स्थानीय मजदूरों एवं ग्रामीणों को अस्वस्त करते नजर आए । वहीं घटना को लेकर आस-पास के रहवासियों में आक्रोश एवं भय का माहौल बना हुआ है ।
ग्रामीणों कि माने तो चारागन के लिए गई अनगिनत गाय भैंसें वापस लौटकर नहीं आई हैं घटना स्थल रोड पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों एवं शासन प्रशासन राजनीतिक दलों के लोगों कि भीड़ देर रात तक जमी रही ।

पुलिस का यह कहना है

एनटीपीसी के राख बांध ढहने कि घटना से कोई जनहानि नही हुई है । परियोजना प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है ।

उधर, एनजीटीके याचिकाकर्ता जगतनारायण विश्वकर्मा का कहना कि एनटीपीसी प्रबंधन की लापरवाही और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण की अनदेखी के चलते ऐश डैम टूटा है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान रिहंद डैम को हुआ है। जिसका खमियाजा सोनभद्र के लोग भुगतेंगे। राख में पारा,आर्सेनिक फ्लोराईड सीसा मिलने से रिहंद जलाषय प्रभावित होगा और उसका असर लाखो लोगो पर पड़ेगा।

सोनभद्र के क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राधेश्याम त्रिपाठी ने कहा है कि राखी बांध के टूटने से सोनभद्र को भी बहुत ज्यादा पर्यावरणीय नुकसान हुआ है। एनजीटी में याचिकर्ता जगतनारायण विश्वकर्मा ने मांग उठाई कि जिम्मेदार अधिकारियों और एमपी बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पर तत्काल कारवाही हो साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों के अनदेखी और लापरवाही के कारण राखी बांध टूटा है।


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