चोपन की रामलीला में लक्ष्मण परशुराम संवाद का हुआ मंचन।

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन। रामलीला के चौथे दिन भी इन्द्रदेव के खुश होने के बावजूद बुधवार की रात परशुराम-लक्ष्मण संवाद शुरू हुआ। लोगों ने रामलीला का भरपूर आनंद उठाया तो जयकारे के साथ कलाकारों का उत्साह भी बढ़ाया। वही स्वंयवर से पूर्व श्रीराम की बारात ढोल नगाड़े के साथ नगर भ्रमण करते हुए गौरव नगर स्थित सत्यप्रकाश तिवारी के घर पहुँची जहाँ पूरी रीति

रिवाज के साथ श्रीराम की आरती उतारी गई। फिर पुनः बारात रामलीला मैदान पहुँची जहा सीता स्वयंवर में पूरी साज सज्जा के साथ कलाकारों की टीम ने धनुषयज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद के जरिए लोगों को विभोर कर दिया। जनकपुरी में सीता स्वयंवर की जानकारी होते ही तमाम देशों के राजा महाराजा व

राजकुमार पहुंच गए। सभी ने शिवधनुष तोड़ने का प्रयास किया लेकिन तोड़ना तो दूर हिला तक नहीं सके। अंत में विश्वामित्र की अनुमति से भगवान श्रीराम ने शिवधनुष खंडित कर दिया। इसके बाद माता सीता वरमाला श्रीराम के गले में डाल देतीं हैं। सखियां गीत प्रस्तुत करते हुए फूलों की वर्षा करती हैं। इतने में परशुराम का आगमन होता है। लक्ष्मण व उनके बीच संवाद शुरू हो जाता है। संवाद का मंचन

देख लोग जयकारा लगाने लगे। मंचन संपन्न कराने में मुख्य रूप से सत्यप्रकाश तिवारी,महफूज आरिफ,रामलीला समिति के अध्यक्ष सुनील सिंह एटीए,महामंत्री मनोज सोलंकी, कोषाध्यक्ष राजेश गोस्वामी, संचालन संजय चेतन,संजय जैन,तीर्थराज शुक्ला, अंकित पाण्डेय इत्यादि लोग मौजूद रहे।


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