पनडुब्बी खंडेरी नौसेना के बेड़े में शामिल, राजनाथ सिंह ने कहा- अब भारत पाकिस्तान को पहले से बड़ा झटका देने में सक्षम

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शनिवार को पनडुब्बी खंडेरी नौसेना के बेड़े में शामिल हो गई है । पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी के बेड़े में शामिल होने से नौसेना को साइलेंट किलर की ताकत मिली है ।

आईएनएस खंडेरी भारत की दूसरी स्कार्पियन-वर्ग की मारक पनडुब्बी है, जिसे पी-17 शिवालिक वर्ग के युद्धपोत के साथ नौसेना में शामिल किया गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इसे हरी झंडी दिखाई । आईएनएस खंडेरी के नौसेना में शामिल होने से भारत की नेवी की क्षमता में कई गुणा इजाफा होने होगा ।

जानें इस पनडुब्बी के बारे में

ये पनडुब्बी 67.5 मीटर लंबी, 12.3 मीटर ऊंची और 1565 टन वजनी है । इसमें लगभग 11 किलोमीटर लंबी पाइप फिटिंग है और लगभग 60 किलोमीटर की केबल फिटिंग की गई है । स्पेशल स्टील से बनी सबमरीन में हाई टेंसाइल स्ट्रेंथ है । जो अधिक गहराई में जाकर काम करने की क्षमता रखती है । खंडेरी पनडुब्बी 45 दिन तक पानी में रह सकती है । स्टील्थ टेक्नोलॉजी से यह रडार की पकड़ में नहीं आती और किसी भी मौसम में कार्य करने में सक्षम है ।

आईएनएस खंडेरी के भीतर 360 बैटरी सेल्स है । प्रत्येक बैटरी सेल्स का वजन 750 किलो के करीब है. इसके भीतर दो 1250 केडब्ल्यू डीजल इंजन है ।आईएनएस खंडेरी 45 दिनों के सफर पर जा सकता है । इन्ही बैटरियों के दम पर आईएनएस खंडेरी 6500 नॉटिकल माइल्स यानी करीब 12000 किमी का रास्ता तय करना पड़ता है । ये सबमरीन 350 मीटर तक की गहरायी में भी जाकर दुश्मन का पता लगाती है. इसके टॉप स्पीड की बात करे तो ये 22 नोट्स है ।

खंडेरी का मोटो है अखंड, अभेद्य और अदृश्य और इसी मोटो पर खंडेरी खरा उतरता है । इस सबमरीन को साइलेंट किलर भी कहा जा सकता । इसके भीतर एडवांस वेपन है, जो युद्ध जैसे समय में आसानी से दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है । जैसे सबसे ज़रूरी इसके पीछे के हिस्से में चुम्बकीय प्रणोदन मोटर जिसकी तकनीक को फ्रांस से लिया गया है । इसकी वजह से इसके अंदर से आने वाली आवाज़ को बाहर नहीं आने दिया जाता । इससे दुश्मन के खोजी हवाई जहाज हो या सबमरीन या वॉर वेसल्स को इसकी जानकारी ठीक से नहीं मिल पाती है, इससे वो सबमरीन को पकड़ में आये बिना हमला करना उचित होता है ।

पाकिस्तान को बड़ा झटका देने में सक्षम भारत

आईएनएस खंडेरी पनडुब्बी को नौसेना को सौंपने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, पाकिस्तान को समझना चाहिए कि आज हमारी सरकार के मजबूत संकल्प से INS खंडेरी के बेड़े में शामिल होने के बाद नेवी की क्षमता बढ़ गई है । अब भारत पाकिस्तान को पहले से बड़ा झटका देने में सक्षम है । रक्षा मंत्री ने कहा कि खंडेरी नाम ‘स्वॉर्ड टूथ फिश’ से प्रेरित है, जो समुद्र के तल के करीब पहुंचकर शिकार करने के लिए जानी जाने वाली एक घातक मछली है ।


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