नहीं खत्म हो रही आजम खान की मुश्किलें, अब एनजीटी की कार्यवाही

राष्ट्रीय हरित अधिकरण/एनजीटी ने कोसी बाढ़ क्षेत्र पर अतिक्रमण के लिए समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान द्वारा रामपुर में संचालित निजी विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है । एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि चूंकि कोसी गंगा की सहयोगी नदी है, लिहाजा संबंधित वैधानिक प्राधिकरण अतिक्रमण कर्ताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई कर सकती है ।

पीठ ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 13 अगस्त, 2019 को एक रिपोर्ट दायर की गई है कि ट्रस्ट ने भूमि को अवैध रूप से हड़प लिया, जिसके खिलाफ मुरादाबाद के प्रभागीय आयुक्त के समक्ष अपील लंबित है । प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पट्टे (लीज) को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है ।

पीठ ने कहा, ‘रिपोर्ट के मद्देनजर हमारा विचार है कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि कोसी गंगा की सहायक नदी है, बाढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण के लिये कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है ।संबंधित वैधानिक प्राधिकरण कानून के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं ।

प्राधिकरण ने इससे पहले, उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रामपुर जिला मजिस्ट्रेट की एक संयुक्त समिति का गठन कर मामले की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था ।

एनजीटी, जौहर नगर में कोसी नदी के बाढ़ क्षेत्र पर मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय और इसके पदाधिकारियों द्वारा अवैध निर्माण को लेकर लखनऊ स्थित पत्रकार शैलेश सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा था ।

बता दें, मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय एक निजी विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने 2006 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में की थी । यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त हैं, जिसके कुलाधिपति आजम खान हैं ।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!