एक माह में सिर्फ एक या दो बार ही खुलता है आंगनवाड़ी केंद्र

राजेश गुप्ता (विशेष संवाददाता)
– एक माह का रोका जाएगा मानदेय : रुचि मिश्रा सीडीपीओ


अमरिया । उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत की तहसील अमरिया क्षेत्र के ग्राम बरातबोझ में एक ऐसा आंगनबाड़ी केंद्र है जहां पर तैनात आंगनवाड़ी के द्वारा आगनवाड़ी केंद्र एक माह में सिर्फ एक या दो बार खोला जाता है। बाकी दिनों की नौकरी वह घर बैठकर करती हैं।
मीडिया के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील अमरिया क्षेत्र के ग्राम बरातबोझ में सरकार के दुआरा ग्राम की आबादी को देखते हुए तीन आंगनवाड़ी केंद्र खुलबाये गए हैं। जिनमे प्रथम केंद्र में मूंगा देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री तथा उनकी सहायिका मेहरून्निसा है तथा दूसरे केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकत्री चंचला तैनात हैं आंगनबाड़ी सहायिका का पद वहां पर रिक्त है और तीसरे आंगनवाड़ी केंद्र में नान केसर आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में तैनात हैं।आज उनका आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला है। कार्यकत्री नान केसर पीलीभीत में रहकर अपना आंगनबाड़ी केंद्र चलाती है।आश्चर्य की बात यह है कि उनके द्वारा यह आंगनबाड़ी केंद्र एक माह में सिर्फ एक या दो बार खोला जाता है इस बात की पुष्टि पास में ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों ने की है। बाकी के शेष दिनों में कार्यकत्री नान केसर घर बैठकर ही सरकारी दस्तावेजों में केंद्र खोला करती हैं। शायद ही इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को हो।
जब उक्त प्रकरण पर सीडीपीओ रुचि मिश्रा से जानकारी ली गई गई तो उन्होंने मीडिया को बताया है बरातबोझ में तीसरे आंगनबाड़ी केंद्र की शिकायत उनको भी कई बार मिली है। मामला पूरा संज्ञान में है आज भी आंगनवाड़ी केंद्र बंद है जिस पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री का एक माह का मानदेय रोका जाएगा
अब सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह से सरकारी धनराशि का दुरुपयोग नहीं हो रहा है सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ क्या पूरी तरह से समाज को मिल पा रहा है। क्या सिर्फ एक माह के मानदेय रोकने से क्या आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में सुधार हो सकता है उच्च अधिकारियों को भी चाहिए कि उनके द्वारा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति जानने के लिए चेकिंग अभियान भी चलाया जाएं।


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