एच एम एस ने अपनी मांगों को लेकर निगाही परियोजना में दिया धरना

14 सितम्बर 2019

अंजनी चौबे (संवाददाता)

शक्तिनगर । सोनभद्र से सटे कोयला श्रमिक सभा सम्बद्ध (हिन्द मजदूर सभा) एनसीएल सिंगरौली शाखा निगाही परियोजना द्वारा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं आम सभा और यूनियन की 23 सूत्रीय मागो को लागु करने के निमित्त आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कोयला श्रमिक सभा के संरक्षक एवं “आल इंडिया यूनाइटेड वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन” के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पत्रकार के सी शर्मा ने कहा कि परियोजना में वर्षो से सैकड़ो आवासो पर अवैध कब्जा अनधिकृत लोगो द्वारा प्रबन्धन व कुछ श्रमिक नेताओ के सह पर किया गया है। जबकि 2009 से

लेकर अब तक आवास के लिए परियोजना प्रबंधन के चौखट पर परियोजना के श्रमिक चक्कर लगाते लगते थक गए हैं। और वे बेघर दर-दर भटकने के लिए विवस कर दिए गए हैं। जिसे अब कोयला श्रमिक सभा कत्तई बर्दास्त नही करेगी। कोयला श्रमिक सभा श्रमिक हितैषी संगठन हैं, वह श्रमिको को उनका हक उन्हें दिलाने के लिए अगर आवश्यकता पड़ी तो आर-पार के जनसंघर्ष का एलान भी कर सकती है। शर्मा ने प्रबन्धन पर अपने सम्बोधन में खुला आरोप लगाया कि, प्रबन्धन और परियोजना के कुछेक श्रमिक नेता आपस मे साठ-गांठ कर आवासों पर अवैध कब्जा करा, उससे किराए की वसूली कर

आर्थिक भष्ट्राचार को वर्षो से वढावा दे रहा है। जो आर्थिक भष्ट्राचार और सेवा शर्तों का खुला उलंघन है।जिसकी जांच कराई जानी चाहिए। नही तो यूनियन इसके विरोध में व्यापक आंदोलन,प्रदर्शन,घेराव,करने को बाध्य होगी ,जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी एनसीएल निगाही प्रबंधन की होगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रतिष्ठानो में स्टेस्ट आफिसर की नियुक्ति होती है।जिसे मजिस्ट्रेट का अधिकार होता है। फिर प्रबन्धन अवैध कब्जा क्यो नही खाली करा रही हैं। जिससे उनकी

भूमिका सन्दिग्ध लग रही है। जो अब चलने वाला नही है। समय रहते प्रबन्धन नही चेता तो सारा मामला कोयला मंत्री के सज्ञान में लाकर कार्यवाही कराई जाएगी। कोयला श्रमिक सभा के महामंत्री साथी अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि प्रबन्धन अपने कार्यप्रणाली में परिवर्तन लाये और समय रहते मांग पत्र को गम्भीरता से लेते हुए इसका समाधान निकालने का ठोस पहल करें। वरना दस दिनों बाद मुख्य महाप्रबन्धक के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा श्रमिक देश हित मे 8 घण्टे काम करता है और उसे रहने के लिए बने आवास में उसके जगह बाहरी अनाधिकृत लोग आवासों पर अवैध

कब्जा जमाए हुए हैं। जो हड्डी पर श्रमिको को कबड्डी खेलने जैसा लगता है। जिससे निगाही के श्रमिकों में असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है। इसलिए श्रमिको के भावनाओ को ध्यान में रखते हुए, अवैध कब्जे को शीघ्र खाली कराने की कार्यवाही प्रबन्धन को करनी चाहिए। और प्रबन्धन श्रमिको को नियमानुसार आवास आवंटित करें। वरना यह मामला अब दूर तक जाएगा। उच्च न्यालय के निर्देशो का प्रबंधन अनुपालन नही करा रहा है जिससे वह खुद सवालों के कटघरे में आके खड़ा हो गया है। पांडेय ने कहा कि लगता है प्रबन्धन भी इन अबैध कब्जो में संलिप्त हो निजी लाभ अर्जित कर रहा है। अध्यक्ष एस.के सक्सेना ने कहा कि, सभी परियोजनाओ में ऐसी स्थिति नही है। फिर निगाही परियोजना में पिछले 10 वर्ष से श्रमिक आवास से क्यो महरूम है। यह अब चलने वाला नही है। प्रबंधन समय रहते इस समस्या का हल नही निकाला तो परियोजना में ओद्योगिक अशांति के लिए वह खुद जिम्मेदार होगा। हिन्द मजदूर सभा सिंगरौली के जिला महामंत्री एम. पी. अग्निहोत्री ने कहा कि, यह कम्पनी भारत सरकार की सार्वजनिक प्रतिष्ठान है। इसके बावजूद भी निगाही परियोजना प्रबन्धन नियमो-कानूनों को ताक पर रख कर चल रहा है। कोयला उद्योग की सबसे बड़ी यूनियन (एच. एम. एस.) आज लोकतांत्रिक तरीके से आपको आपके गेट पर एक दिवसीय धरना देते हुए आम सभा कर आपको कुम्भकर्णी नीद से जगाने और चेताने के लिए यह कार्यक्रम रख मनमानी और तानाशाही तथा हठधर्मिता के विरोध में शंखनाद करने आई है। यदि इसके बाद भी आपकी नींद नही खुली और आप होश में नही आये तो वह दिन भी दूर नही जब यूनियन तानाशाही को उखाड़ फेंकने के लिए श्रमिक आंदोलन का एलान करने से भी नही हिचकेगी। इसके अतिरिक्त अन्य प्रमुख यूनियन के पदाधिकारियों ने जो श्रमिको की सभा को सम्बोधित किया, उनमें सी.एस.पी. उपाध्याय ,राम लखन पांडेय ,बाबू लाल चौधरी, शैलेश कुमार राय, सुरेश प्रसाद अग्निहोत्री , संतोष सिंह ,मोनी मिश्रा, रमन चौकीकार, प्रेमलाल पटेल, कृष्णा नन्द मिश्रा, गोविन्द दुबे ,राजेंद्र सिंह ,राजा पांडेय , कमल शुक्ल कृपाशंकर विश्वकर्मा , संदीप जाट ,विवेक मिश्रा, अनिकेत कुमार ,शुशील पाल , आदि थे।


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