लम्बे बीमारी के बाद चर्चित वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन

08 सितंबर 2019

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन हो गया है । राम जेठमलानी लंबे समय से बीमार थे । राम जेठमलानी लगभग एक हफ्ते से बहुत ज्यादा बीमार थे और अपने बेड से भी नहीं उठ पा रहे थे । बीमारी के कारण बेहद कमजोर भी हो गए थे ।जेठमलानी के निधन पर सुप्रीम कोर्ट के कई दिग्गज वकीलों ने दुख जताया है । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राम जेठमलानी के घर जाकर उनके अंतिम दर्शन किए । राम जेठमलानी के बेटे महेश ने बताया कि राम जेठमलानी का अंतिम यात्रा आज शाम को लोधी रोड श्मशान में किया जाएगा ।

14 सितंबर 1923 को पाकिस्तान के सिंध में जन्मे रामजेठमलानी आपराधिक मामलों के जाने माने वकील रहे । वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कानून मंत्री भी रहे । वे बार बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी रहे. उन्होंने कई हाई प्रोफाइल आपराधिक मामलों को लड़ा और जीते। राम जेठमलानी के नाम के बेहद खास रिकॉर्ड है, आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने 17 साल की उम्र में ही वकालत पास कर ली थी । ऐसा करने वाले वे देश के पहले और इकलौते शख्स थे । उस वक्त कोर्ट में प्रक्टिस करने की औपचारिक उम्र 22 साल होती थी लेकिन राम जेठमलानी ने अपना खुद का केस तैयार किया और उसे कोर्ट में पेश किया । इसके बाद कोर्ट की विशेष अनुमति के बाद उन्हें अपना केस लड़ने का मौका मिला और इस तरह उन्होंने 18 साल की उम्र में वकालत शुरू कर दी थी ।

इस केस से चर्चा में आये

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों सतवंत सिंह और केहर सिंह के वकील के तौर पर पेश हुए थे । यही नहीं उन्होंने एम्स के डॉक्टर और इंदिरा गांधी के शव का पोस्टमार्टम करने वाले टी डी डोगरा द्वारा दिए गए मेडिकल प्रमाणों को भी चैलेंज किया था। हालांकि उनके इस केस पर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी ।

केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने भी राम जेठमलानी के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनकी कानून की समझ हमेशा एक न्यायिक व्यवसाय में हमेशा एक सर्वोच्च उदाहरण बनकर रहेगी । रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया, ”अनुभवी वकील और पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी के निधन पर गहरा हुआ । उनकी प्रतिभा, वाक्पटुता, शक्तिशाली वकालत और कानून समझ कानूनी पेशे में एक योग्य उदाहरण बनी रहेगी. मेरी गहरी संवेदना।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी जेठमलानी के निधन पर दुख जताया । उन्होंने लिखा, ”प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी जी के निधन पर अत्यंत दुख हुआ । वे अपने आप में एक संस्था थे, स्वतंत्रता के बाद के भारत में उन्होंने आपराधिक कानून को आकार दिया । उनके जाने से पैदा हुआ शून्य कभी नहीं भरा जाएगा और उनका नाम कानूनी इतिहास में सुनहरे शब्दों में लिखा जाएगा।”


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!