Health Tips: आइए जानते हैं 5 ऐसे सुपर फूड जो आपकी दिमागी सेहत का रखें ध्यान,

आज हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बात को लेकर तनाव में रहता है। अगर कहा जाए कि व्यक्ति के तनाव के पीछे समस्याओं से ज्यादा उसका खान-पान जिम्मेदार है तो शायद कुछ गलत नहीं होगा। जी हां, आजकल लोग पोषण से ज्यादा स्वाद के लिए भोजन करते हैं। जबकि व्यक्ति का आहार ऐसा होना चाहिए जो उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ उसके मानसिक पोषण का भी ध्यान रखें। ऐसा इसलिए क्योंकि आप जिस तरह का भोजन करेंगे वैसी ही आपकी दिमागी सेहत होगी। तो आइए आपको बताते हैं 5 ऐसे सुपर फूड जो आपकी दिमागी सेहत का ध्यान रखते हुए आपको स्ट्रेस से रखेंगे कोसों दूर।

खूब पानी पिएं:
आपको तनाव दूर करने के लिए सबसे पहले पानी पीने की आदत डालनी होगी। व्यक्ति को दिनभर में कम से कम 8 गिलास पानी पीना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है। हाल ही में हुए एक शोध में भी यह पाया गया कि डिहाइड्रेशन व्यक्ति के मेंटल कॉन्सेंट्रेशन लेवल को बिगाड़ देता है।

नाश्ता ना भूलना:
सुबह का नाश्ता शरीर के मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने का काम करता है। सेहत से जुड़े एक शोध में बताया गया है कि जो लोग सुबह का नाश्ता किसी मिस नहीं करते हैं उनमें न करने वालों की तुलना में डिप्रेशन की संभावना 30 प्रतिशत तक कम होती है।

विटामिन डी:
विटामिन डी दिमाग और शरीर दोनों को पोषण देने का काम करता है। जिसकी वजह से व्यक्ति को डिप्रेशन यानि मानसिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। मनोविशेषज्ञों ने पाया है कि विटामिन डी जिन लोगों में कम होता है, उनमें डिप्रेशन ज्यादा पाया जाता है। जबकि इसकी जरुरतभर भर मात्रा लेने वाले लोगों में डिप्रेशन कम होता है। विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की किरणें हैं। हफ्ते में दो बार 30 मिनट सूरज के सामने खड़े रहने से आपको इसका लाभ मिल सकेगा।

ओमेगा 3:
मूड लिफ्टिंग से परेशान लोगों को अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए जिसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता हो। ओमेगा 3 फैटी एसिड अवसाद के इलाज के लिये कारगर है। ये न व्यक्ति का अवसाद दूर करता है बल्कि अस्थमा और गठिया को भी ठीक करने का काम करता है। मछली, अखरोट, अलसी के बीज, ऑलिव ऑयल और गाढ़े हरे रंग की पत्तेदार सब्जियों में ओमेगा 3 फैटी एसिड काफी मात्रा में पाया जाता हैं।

कैफीन की मात्रा कम करें:
तनाव को लाइफ से दूर भगाने के लिए आपको कैफिन से दोस्ती तोड़नी होगी। जी हां कैफीन उन लोगों में पैनिक अटैक की संभावना को बढ़ा देता है, जिनको ऐंग्जाइटी डिसऑर्डर है।


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