सोनभद्र में बनेगा 50 करोड़ की लागत से “अटल विद्यालय योजना” के तहत स्कूल : सुनील भराला

07 सितम्बर 2019

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । मजदूरों के भलाई लिए वर्तमान लोकप्रिय सरकार संजीदा है, पंजीकृत मजदूरों के बच्चों के पढ़ाई व कौशल विकास के लिए “अटल विद्यालय योजना” के तहत 50 करोड़ की लागत से बनने वाले विन्ध्याचल मण्डल के लिए आवंटित एक “अटल विद्यालय योजना” के स्कूल की स्थापना सोनभद्र जिले में की जायेगी। जिले के असंगठित मजदूरों को पंजीकृत कराने के लिए श्रम विभाग कैम्प का आयोजन करके आनलाईन पंजीकरण का कार्य पूरा करें। खदान, बिजली, सीमेन्ट उत्पादन इकाईयों के संविदा कर्मियों के हितों का ध्यान रखते हुए कान्ट्रैक्ट लेबर बीओसी श्रेणी के लेबर कराकर लाभान्वित किया जाय। नियमित लेबर के साथ ही संविदा लेबर व उनके आश्रितों के हितों का भी ध्यान रखा जाय।

उक्त निर्देश अध्यक्ष/राज्य मंत्री, श्रम कल्याण परिषद एवं सदस्य के0वी0आई0सी0 आयोग, भारत सरकार सुनील भराला ने सोनभद्र जिले के भ्रमण के दौरान श्रम कल्याण की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उप श्रमायुक्त पिपरी को दियें। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण की नीतियों, योजनाओं का लाभ श्रमिक व श्रमिक के आश्रितों तक पहुंचाने का काम हम सभी का है। उप श्रमायुक्त स्टाफ की कमी को आउटसोर्सिंग के माध्यम से पूरा कराते हुए पंजीकरण कराते हुए कैम्प की व्यवस्था करायें। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि खदान, बिजली व सीमेन्ट उद्योग में काम करने वाले संविदा श्रमिकों को अनुमन्य सुविधाएं नहीं मिल पाती अगर संविदा लेबर बीओसी की श्रेणी में हो जाय, तो उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। राज्यमंत्री ने कहा कि जिले के मजदूरों के हितों का ध्यान रखा और सभी का श्रम पंजीकरण कराने के लिए शिविर लगाकर आन लाईन रजिस्ट्रेशन का काम शुरू किया जाय। अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह से कैम्प लगाकर पंजीकरण का काम युद्ध स्तर पर किया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लेबर शेष की धनराशि 55 अरब से ऊपर जमा है, जिसका सदुपयोग मजदूर व मजदूरों के वारिसों के भलाई के लिए किया जाना है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र जिले के मजदूरों के हितों के प्रति प्रदेश सरकार संजीदा है इसलिए विन्ध्याचल मण्डल के लिए 50 करोड़ की लागत से बनने वाले “अटल विद्यालय योजना” का कक्षा-1 से लेकर कक्षा -12 तक सीबीएसई पाठ्य क्रम का कालेज सोनभद्र जिले में ही स्थापित होगा, जिसके जमीन के चयन के निर्देश सम्बन्धितों को दिये जा चुके है। इस स्कूल में मजदूरों के बच्चें पढ़ेंगें, जिसमें तकनीकी षिक्षा के साथ ही कौशल विकास की भी व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण की विभिन्न योजनाओं का नाम देश के महापुरूषों के नाम पर रखते हुए महापुरूषों के पद चिन्हों व उनके इतिहास बलिदान को भी रेखांकित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त 2019 को श्रमिकों के परिवारों के भलाई के दृष्टिगत पहली बार श्रमिकों के बच्चों को खेल-कूद को बढ़ावा देने, श्रमिकों को धार्मिक यात्रा कराने व श्रमिकों के स्वस्थ्य मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने के नियम बनाये गये हैं। उन्होंने कहा कि 1961 से श्रम कल्याण की योजनाएं क्रियाषील है, मगर अब 52 साल बाद प्रदेश की लोकप्रिय सरकार ने मजदूरों की भलाई की चिन्ता की है और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मण्डली समीक्षा बैठक सोनभद्र जिले में पहली बार की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र जिले में मजदूरों की कमी नहीं है, सोनभद्र जिले के संगठित की संख्या ज्यादा है, लिहाजा असंगठित मजदूरों को संगठित करने का कार्य वर्तमान लोकप्रिय सरकार कर रही है, जिससे जिले के शत-प्रतिशत मजदूरों के पंजीकरण का प्रयास जारी किया है। उन्होंने कहा कि देश के महापुरूषों के सम्मान व उनके आचरण को आत्मसात करने के दृष्टिगत पूर्व में संचालित योजनाओं का नाम परिवर्तित किया गया।

श्रमिकों के मृत्यु के उपरान्त सहायता सम्बन्धी योजना “दरतों पन्त ठेकरी श्रम कल्याण योजना” कर दिया गया है। इसी प्रकार से अन्त्येष्ठी सहायता योजना को “महाराजा हरिष्चन्द्र अन्त्येष्ठी सहायता योजना”, कन्याओं के शादी सम्बन्धी सहायता योजना को “महारानी लक्ष्मबाई कन्या अनुदान योजना” , मेधावी पुरस्कार योजना को “महादेवी वर्मा” मेधावी पुरस्कार योजना व तकनीकी शिक्षा सहायता योजना को “डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम योजना” का नाम कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों व उनके आश्रितों के भलाई के लिए खेल-कूद प्रोत्साहन, सरकारी खर्चे पर धार्मिक यात्रा व स्वस्थ्य मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना लोकप्रिय सरकार ने पास किया है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र जिले में अब नियमित रूप से मण्डली समीक्षा बैठक होगी और मजदूरों के भलाई के लिए हर संभव कदम उठाये जायेंगें। प्रधान मंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना के तहत साढ़े 12 बीघे तक किसान बन्धुओें का पंजीकरण मात्र 55 रूपये मे कराने की व्यवस्था की गयी है। पंजीकृत किसानों की उम्र जैसे ही 60 होगी और उनके बुढ़ापे की मदद के लिए सरकार द्वारा तीन-तीन हजार महीने पेंशन रूपी आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।

इस मौके पर अध्यक्ष/राज्य मंत्री, श्रम कल्याण परिषद एवं सदस्य के0वी0आई0सी0 आयोग, भारत सरकार सुनील भराला के अलावा सदस्य श्रम कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश अजीत कुमार जैन व कन्हैयालाल भारती, सांसद पकौड़ी लाल कोल, जिलाध्यक्ष भाजपा अशोक मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर जैनेन्द्र सिंह, उप श्रमायुक्त सरजूराम, भारतीय जनता पार्टी के चॉद प्रकाश जैन, सुमन केशरी, अजीत रावत, मोहन कुशवाहा सहित गणमान्य व्यक्ति व अधिकारीगण मौजूद रहें। राज्यमंत्री द्वारा बैठक के उपरान्त प्रेस-वार्ता भी की गयी। भ्रमण के दौरान जनप्रतिनिधियों व पार्टी पदाधिकारियों से भी मुलाकात तथा चर्चा की।



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