ईमानदार होना भारी पड़ा ग्राम विकास अधिकारी को, किया सुसाइड, जाने क्या था मामला…..

7 सितम्बर 2019

जनपद न्यूज़ ब्यूरो

लखीमपुर खीरी। भ्रष्ट मुक्त समाज का प्रदेश सरकार भले ही लाखों दावे करती हो लेकिन ज़मीनी हकीकत क्या है इससे आज हम आपको रूबरू करवाएंगे, एक ऐसी हकीकत जिसको सुनने के बाद शायद आपकी आंखे नम हो जाय, जी हाँ लखीमपुर खीरी में एक अधिकारी ने शुक्रवार को फांसी के फंदे पर झूल कर अपनी जीवन लीला इसलिए समाप्त कर ली क्योंकि उसने भ्रष्ट नेताओ द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार में अपना सहयोग नही दे रहा था, वो पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम करना चाहता था लेकिन भ्रष्ट नेताओं ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि अंत मे उनसे मौत को ही गले लगाना बेहतर समझा।

लखीमपुर में स्थित अपने घर मे ग्राम विकास अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार ने खुद को फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली सुबह होते ही जब त्रिवेंद्र कुमार का लटकता हुआ शरीर उसके परिजनों ने देखा तो मानो उनके होश फाख्ता हो गए और हो भी क्यों न एक बेटे को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने वाले माँ – बाप और भाई ने मेहनत से पढ़ाया लिखाया एक अफसर बनाया जो ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ था उसकी मौत सिर्फ लिए हो गई क्योँकि वो एक ईमानदार अधिकारी था जिसने भ्रष्ट लोगो का साथ नही दिया।

त्रिवेंद्र कुमार मौत की नींद सोता उसके पहले उसने अपनी मौत का कारण और ज़िम्मेदार लोगों को उजागर करने के लिए एक सुसाइड नोट भी लिखा जिसमे साफ तौर पर लिखा है की मैं त्रिवेंद्र कुमार ग्राम विकास अधिकारी के पद पर हूँ और किसान यूनियन के एक नेता और एक प्रधान पुत्र के द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

जिसके बाद घटनास्थल पर पहुँचे आला अधिकारियों ने जायज़ा लिया आपको बता दे कि त्रिवेंद्र कुमार को ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्य करते हुए महज़ एक ही वर्ष हुआ था और इसी वर्ष नवंबर में उसकी शादी भी होनी थी।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!