जिलाधिकारी के आदेशों का नही हो रहा पालन ,प्राथमिक व उच्च विद्यालयों पर लकड़ी के चूल्हे पर ही बन रहा हैं खाना

06 सितम्बर 2019

शशि चौबे / संजय केसरी (संवाददाता)

डाला । क्या शिक्षा विभाग में अधिकारियों की पकड़ ढीली पड़ गयी है या फिर अध्यापक इस कदर मनमौजी हो गए कि उन्हें किसी के आदेश की कोई परवाह नहीं ।
जी हां, शिक्षा विभाग में इन दिनों ऐसा ही नजर आ रहा है । मिड डे मील का खाना गैस चूल्हे पर बनाने को लेकर जिलाधिकारी एस लिंगम ने बैठक कर कई बार निर्देश जारी किया । मगर शिक्षा विभाग के अध्यापक से लेकर अधिकारी तक इसे गंभीरता से नहीं लिया । जिसका नतीजा है कि कोटा ग्राम पंचायत के परासपानी, जवारीडाड़, गुरमुरा, रानीताली व पनारी के क्षेत्र के विद्यालयों पर आज भी लकड़ी के चूल्हे पर ही मिडडेमील का खाना बन रहा है और पूछने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रभारी का वही रटा रटाया जबाब सुनने को मिल रहा है कि अभी गैस का उठान नही हुआ या फिर रसोइया गैस के चूल्हे पर खाना बनाने को तैयार नही हैं ।

जब जनपद न्यूज लाइव के संवाददाता ने ऐसे ही कई विद्यालयों की पड़ताल कर स्थिति को जाना ।


प्राथमिक विद्यालय गुरमुरा पर खाना लकड़ी पर ही बनता नजर आया, पूछने पर बताया कि लगभग 6 साल पहले ही गैस का कनेक्शन हुआ है लेकिन अभी तक महज 2 बार ही खाना बना । बाद में गैस एजेंसी द्वारा आपूर्ति नही होने के कारण लकड़ी के चूल्हे पर मिड डे मील बन रहा है। उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति नही होने की सूचना विभाग को कर दी है ।


पूर्व कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय पर भी मिड डे मील लकड़ी पर ही बनता है । विद्यालय की प्रधानाचार्या आशा देवी ने बताया कि गैस का कनेक्शन तो है लेकिन गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडर की आपूर्ति न किये जाने के कारण खाना लकड़ी पर ही बन रहा हैं।

वहीं प्राथमिक विद्यालय पनारी में भी बच्चों का भोजन लकड़ी पर ही बनता है । पूछने पर प्रधानाचार्या साधना जायसवाल का अजीबो-गरीब बयान ने सुनने को मिला, प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय पर गैस कनेक्शन हैं लेकिन गैस बुकिंग का कागज खो जाने के कारण खुद के घर का सिलेंडर विद्यालय पर लाकर खाना बनवाती हैं।लेकिन इस समय गैस खत्म हो गया जिस कारण लकड़ी के चूल्हे पर खाना बन रहा है ।

लेकिन प्रधानाचार्य के बयान की पोल वहीं की रसोइया ने खोल कर रख दी । रसोइया ने बताया कि कभी कभार मैडम गैस सिलेंडर लाती हैं और जब से स्कूल खुला हैं तब से लकड़ी के चूल्हे पर ही खाना बन रहा है ।

वही हाल उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी नजर आया। यहां भी खाना लकड़ी पर बन रहा है । प्रधानाचार्या बिन्दु रानी ने बताया कि गैस एजेंसी द्वारा गैस नहीं पहुंचाया जाता इसलिए मजबूरी में लकड़ी पर मिड डे मील बनता है ।


बहरहाल गुरमुरा क्षेत्र में जनपद न्यूज Live की पड़ताल में यह साफ हो गया कि लगभग हर स्कूल पर कहानी एक जैसे ही है और अध्यापकों का बयान भी लगभग एक जैसा ही है । ऐसे यह कहा जा सकता है कि जिलाधिकारी भले ही मिड डे मील को लेकर गम्भीर हों मगर इसे लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!