सुपोषण स्वास्थ्य मेला जनपद के समस्त आंगनबाड़ी उपकेन्द्रों पर लगा

5 सितंबर 2019

राजीव दुबे (संवाददाता)

– जनपद के प्रत्येक आंगनबाड़ी उपकेन्द्रों पर तैनात रहे चिकित्सक

– कुपोषण से बचाव के लिए विभिन्न प्रकार के स्टाॅल को लगाकर किया जागरूक

मिर्जापुर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा गुरूवार को जनपद के 263 उपकेन्द्रों पर विभिन्न प्रकार के स्टाॅल लगाकर सुपोषण स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी पी0के0 सिंह ने बताया कि बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाव के लिए विभाग की तरफ से हर महीने के प्रथम बुधवार को सुपोषण स्वास्थ्य मेला लगाया जाता है। पहाड़ी विकास खण्ड के बेदौली कलां स्थित आंगनबाड़ी उपकेन्द्र पर ग्राम प्रधान जयदेवी की अध्यक्षता में सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा, किशोरियां, गर्भवती महिलाएं, व बच्चे इत्यादि मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषाहार से सम्बन्धित स्टाल लगाया गया। मौजूद डाक्टर द्वारा नवजात शिशुओं का टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच के साथ टीकाकरण भी किया गया। डाक्टरों द्वारा गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन व शूगर आदि की जांच की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा के अनुसार बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का वजन किया गया। इसी के साथ महिलाओं ने संगीत आदि कार्यक्रम को भी किया ।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मौजूद किशोरियों व महिलाओं को हाथ धुलने के महत्व को विस्तारपूर्वक बताया । साथ ही साथ उन्हांेने बताया कि केन्द्र पर 43 बच्चों का वजन, 67 महिलाओं की जांच व टीकाकरण किया गया । 123 किशोरियों को साफ-सफाई के महत्व और पोषण के बारे में भी बताया । कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को पोषाहार से तरह-तरह से खाना बनाने के तरीके को बताया गया।

उन्होने बताया कि सुपोषण मेले का मुख्य उद्देश्य लोगो में टीकाकरण, प्रसव पूर्व जांच होना, पोषण, स्तनपान व उपरी आहार के लिए जागरूकता पैदा करना है जिससे कुपोषण व एनीमिया से बचा जा सके।

लाभार्थी सराहना- साधना पत्नी अभय तिवारी निवासिनी ग्राम बेदौली कलां जनपद मीरजापुर इनका कहना है कि विभाग की तरफ से इस मेले के आयोजन में गर्भवती महिलाओं को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है कि वे कब-कब टीकाकरण कराये प्रसव के पहले और बाद में कितनी बार जांच होनी चाहिए। बच्चों को स्तनपान कितने महीने तक कराना चाहिए और उसके उसके बाद कितनी मात्रा में आहार देना चाहिए। इसके अलावा यहां पर किशोरियों व बच्चों को साफ सफाई के बारे में भी जानकारी दी जाती है कि कब-कब हाथ धोना चाहिए और दिन में कितनी बार साबुन से हाथ धोना चाहिए। ऐसी बहुत सी जानकारी है जो इस मेले के आयोजन से मिलता है जो हम सभी को घर पर कोई बता पायेगा। इसके अलावा महिलाओं को पोषाहार से तरह-तरह के व्यंजन बनाने के बारे में सीखाने का कार्य किया जाता है। इन सब से एनीमिया व कुपोषण में कमी होगी।



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