पाक जेल में बंद कुलभूषण की पहली काउंसलर एक्सेस

02 सितंबर 2019

भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया ने सोमवार को इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव से मुलाकात की। 3 साल से ज्यादा वक्त से पाक जेल में बंद यह कुलभूषण की पहली काउंसलर एक्सेस थी। पाक ने रविवार को दूसरी बार कुलभूषण को काउंसलर एक्सेस देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया। जाधव से मुलाकात के बाद के बाद अहलूवालिया ने पाक में भारत के उप उच्चायुक्त से भी मुलाकात की। पाकिस्तान के जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुलभूषण सेभारतीय राजनयिक की मुलाकात सोमवार 3 बजे हुई, जो करीब एक घंटे तक चली।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने शाम को एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि भारतीय राजनयिक ने कुलभूषण से मुलाकात की। यह स्पष्ट था कि वे अत्यधिक दबाव में थे। उन पर पाक के झूठे दावे को सही साबित करने का दबाव दिखाई दे रह था।

आईसीजे के फैसले के 11 दिन बाद पाक ने काउंसल एक्सेस देने का निर्णय लिया था

पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसलने रविवार को कहा था कि जाधव को वियना कन्वेंशन के तहत काउंसलरएक्सेस मिलेगा। उन्होंने कहा यह एक्सेस आईसीजे के फैसले और पाकिस्तान के कानून के तहत दिया जाएगा। इससे पहले, पाकिस्तान सरकार ने आईसीजे के फैसले के 11 दिन बादकुलभूषण को सशर्तएक्सेस देनेका निर्णय लिया था। तब भारत ने कहा था कि इंटरनेशनल कोर्ट के आदेशानुसार हम जाधव के लिए अबाधित और जल्द एक्सेस चाहते हैं।

आईसीजे ने लगाई थी जाधव की फांसी पर रोक

आईसीजे ने इसी साल 21 जुलाई को भारत के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुलभूषण की फांसी पर रोक लगा दी थी। साथ ही पाक को उन्हेंकाउंसलरएक्सेस देने के निर्देश दिए थे। आईसीजे के 16 जजों ने 15-1 के बहुमत से कुलभूषण की फांसी की सजा निलंबित कर दी थी। इसके बाद पाक ने कहा था कि आईसीजे के फैसले के तहत कमांडर जाधव को एक्सेस से जुड़े उनके अधिकार बता दिए हैं। हम जिम्मेदार देश के तौर पर काउंसलर एक्सेस देंगे।

जाधव के खिलाफ पाक सेना के ट्रायल को भारत ने चुनौती दी

29 मार्च 2016 को कुलभूषण को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था। कुलभूषणको पाक की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप पर मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने मई 2017 में आईसीजे के सामने यह मामला उठाया था। पाकिस्तान पर जाधव को काउंसलर न मुहैया करवाने का आरोप लगाया। भारत ने जाधवके खिलाफ पाकिस्तानी सेना के ट्रायल को भी चुनौती दी। आईसीजे ने 18 मई 2017 को जाधव के केस में फैसला आने तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए थे।

25 दिसंबर 2017 को जाधव की मां और पत्नी ने इस्लामाबाद में उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान जाधव और उनके परिवार के बीच एक कांच की दीवार थी और किसी भी भारतीय अफसर को मिलने या उनकी बात सुनने की इजाजत नहीं दी गई थी।



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