स्वच्छता अभियान का खुला पोल, एक वर्ष पूर्व बना शौचालय हुआ ढेर

01 सितम्बर 2019

भाष्कर चतुर्वेदी (संवाददाता)

-विना नींव के ही बन गया शौचालय

-शौचालय का प्रयोग करने करने में डरते हैं ग्रामीण

-दरवाजा व दिवार हुआ अलग थलग

– प्रधान ठेका देकर करवाया था शौचालय का निर्माण

-प्रधान व सचिव की चल रही मनमानी

आसनडीह। विकास खण्ड के अन्तर्गत डूमरहर ग्राम पंचायत मे शौचालय का मामला लगातार सुर्खियों मे रहा है वहां शौचालय निर्माण के समय से ही सम्बन्धित प्रधान व सचिव कुछ लोगों को ठेका देकर शौचालय का निर्माण करा रहे थे। यहां तक तो बात समझ में आती है कि शासन द्वारा समय से लक्ष्य पूरा करने का दबाव था। लेकिन उन बिचौलियों द्वारा आपसी होड़ में जो जितना बना लेगा उतना रुपया कमाने के चक्कर में विना नीव व लोकल भठ्ठे की के साथ साथ उसके छलटे से जैसे तैसे शौचालय निर्माण कराने लगे ।और अपने अपने कमीशन के चक्कर मे स्वच्छता अभियान को दर किनार करके विना मानक के ही शौचालय बनवाने लगे ।और शौचालय जब बन रहा था तभी पिछले जुलाई माह से ही शिकायतों का दौर शुरू हो गया था। ।

लोगों के द्वारा कई बार शिकायत की गई थी फिर भी प्रधान व सचिव के कान मे जूं तक नही रेंगा और इसी का नतीजा है कि लोग शौचालय का प्रयोग करने मे हिचकीचाते है उन्हे डर सताता है कि कोई अप्रिय घटना न घट जाय डूमरहर के बिछियारी गांव मे सोनामती पत्नी सहदेव का शौचालय का दिवार फटकर अलग हो गया है और दरवाजा टूट कर गिर गया है ।जब लाभार्थी सोनामती से जानकारी ली गयी तो उसनें बताया कि प्रधान व सचिव द्वारा जबरदस्ती शौचालय का निर्माण करवाया गया विना नीव के ही दिवार खड़ा करने लगे हम लोगो ने विरोध भी किया लेकिन कोई सुनवाई नही हुईं ।और चार महीने मे ही ढक्कन पर जब सचिव खड़े हुए तो उसी समय टुट गया।बनने के बाद भी उसके अन्दर जाने में डर लगता था।इसकी शिकायत तत्कालीन डी पी आर ओ से भी की गयी थी। लेकिन फिर भी कोई असर नही हुआ यही नही कमोवेश हाल पूरे ग्राम पंचायत का है पिछले वर्ष ऐसे ही साजिया का शौचालय पूरी तरह ढह गया था।

उसमें उसका एक छोटा बच्चा दबने से बच गया था हर घर शौचालय (इज्ज्त घर) बनवाया जा रहा है लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बेकार करने पर तुले हैं।लोगों की माने तो शौचालय सही नहीं बनाने के कारण उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। हकीकत कुछ और बयां कर रही हैं। स्वच्छता अभियान से सम्बंधित अधिकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि कमीशन खोरी के चक्कर मे करोड़ों रुपए सरकार का बरबाद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री की योजना को धराशायी कर रहे हैं। पूर्व प्रधान रामप्रताप सहित ग्रामीण भरत सिंह, धर्मजीत, रामप्रसाद, सहदेव, सोनिया, सोनामती पार्वती, सहित दर्जनों लोगों नें जिलाधिकारी का धयान प्रमुखता से आकृष्ट कराया है।



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