ख़ाकी पर लगा दाग, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठा सवाल

28 अगस्त 2019

अखिलेश सिंह (संवाददाता)

– रात गिरफ्तारी के बाद भी आखिर क्यों आरोपी को बैठाए रही पुलिस

– परिजन के मुताबिक आखिर डेढ़ घण्टे में ऐसा क्या हुआ

– परिजनों के मुताबिक, उनसे बीमार होने की बताई गई झूठी कहानी

– नक्सल प्रभावित जनपद में पुलिस मित्र बनकर काम करने का करती है दावा, मगर सामने आया असली चेहरा

रामगढ़ । सोनभद्र जनपद में खाकी पर एक बड़ा आरोप लगा है । मंगलवार की देर शाम पुलिस हिरासत में युवक की मौत हो गयी। युवक के गले पर गहरा निशान है । घटना पन्नूगंज थाने की है । घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया । परिजन युवक की मौत के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस पूरी तरह से बैकफुट पर है और अब जांच की बात कर रही है ।

रात जिला अस्पताल पर यह भीड़भाड़ पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद लगी है । पन्नूगंज थाने पर चोरी के आरोप में शिवम शुक्ला नामक एक युवक को डायल 100 ने सोमवार की रात गिरफ्तार कर पन्नूगंज थाने पर लाया था । जिसके बाद थाने की पुलिस कार्यवाही करने के बजाय पूरे दिन शिवम शुक्ला को थाने पर ही बैठाए रखा । जिसके बाद शाम लगभग 7 बजे के बाद पुलिस अचानक युवक को लेकर तेजी से जिला अस्पताल पहुंचती है जहां यह बताया जाता है कि युवक ने थाने के भीतर खुदकुशी कर ली । लेकिन घटना की सूचना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने युवक के मौत के लिए सीधे पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है । उनका कहना है कि उन्हें यह बताया गया था कि शिवम शुक्ला की तबीयत खराब है। परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है ।

वहीं इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी ।

बहरहाल खाकी पर दाग यह कोई नया मामला नहीं है। मगर नक्सल प्रभावित जनपद में जहां पुलिस दोस्त बनकर काम करने का संदेश देती है वहां यह घटना निश्चित तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान छोड़ता है । अब देखने वाली बात यह है कि पीएम रिपोर्ट में क्या तथ्य निकलकर सामने आता है ।

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