प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील का हाल बेहाल, बिना मीनू के चूल्हे पर बन रहा खाना

26 अगस्त 2019

अंशु खत्री/दिलीप श्रीवास्तव (संवाददाता)

* मिड डे मील महज कोरम पूरा तक सीमित

* मुख्यालय से लगभग 3 किमी0 दूर स्कूल का हाल

* बीजपुर में भी चूल्हे पर खाना बनाने का मामला आ चुका है सामने

चुर्क । सरकार चाहे लाख प्रयास कर ले लेकिन वहीं होगा जो जनपद में अधिकारी चाहेंगे । यह देखना हो तो जनपद सोनभद्र में देखा जा सकता है । मिर्जापुर जनपद में मिड डे मील को लेकर हुए बवाल के बाद भले ही शासन ने कार्यवाही कर अपना दायित्व का निर्वहन कर दिया हो मगर इस मामले में सूबे में सरकार की खूब किरकिरी भी हुई थी । इस किरकिरी के बाद सरकार भले ही सख्त रुख अपना लिया हो मगर सोनभद्र के स्कूलों में अध्यापकों की मनमानी अभी भी बदस्तूर जारी है । अधिकारियों की अनदेखी व सुस्त कार्यप्रणाली का नतीजा है कि मुख्यालय से महज 3 किमी0 दूर सहिजन खुर्द प्राथमिक स्कूल में आज मिड डे मील के खाने में मीनू के अनुसार नहीं बल्कि टीचर की मर्जी के अनुसार चावल और सब्जी बना और वह भी चूल्हे पर लकड़ी की आंच पर ।

दूर दराज से आने वाले बच्चों को मिड डे मील के खाने के समय महज दाई के भरोसे छोड़ दिया जाता है। आप तस्वीरों में भी साफ देख सकते हैं कि खाना खाते समय बच्चों के पास कोई भी अध्यापक नहीं है । इन्हीं सब कारणों से सरकारी स्कूल बदनाम है और कोई भी परिजन अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहता।

व्यक्ति भले ही गरीब हो मगर हर बच्चा उसके कलेजे का टुकड़ा होता है । मगर स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापकों को जिस दिन इन बच्चों में खुद के बच्चे या अपने दिखने लगेंगे उस दिन सरकारी स्कूलों पर किसी तरह की कड़ाई की जरूरत ही नहीं होगी ।

बहरहाल यदि ऐसा हाल जब मुख्यालय से सटे स्कूलों का है तो फिर दूरदराज के स्कूलों का क्या हाल होगा सहज अंदाजा लगाया जा सकता है ।

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