डीएम ने वज्रपात से बचाव के बताए गुर

26 अगस्त 2019

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने जानकारी देते हुए बताया कि मानसून के दौरान आम जन-मानस पर कई आपदाओं का खतरा बना रहता है। हाल के वर्षों में वज्रपात एक अत्यन्त खतरनाक और प्रायः घटित होने वाली आपदाओं में से एक है। वज्रपात पृथ्वी पर सबसे पुरानी देखी गई प्राकृतिक घटनाओं में से एक है परन्तु आम जन-मानस के मध्य इसके प्रति जागरूकता का काफी अभाव है, जिसके कारण बड़ी संख्या में जनहानियां एवं पशुहानियां एवं पशुहानि हो रही है। थोड़ी सी सावधानी अपना कर काफी हद तक वज्रपात से बचाव कियाजा सकता है और वज्रपात से होने वाली जन-धन, पशु एवं अन्य हानि को न्यून किया जा सकता है। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण द्वारा वज्रपात में क्या करें, क्या न करें जारी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि याद रखें, रबर सोल के जूते व टायर वज्रपात से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं। बिजली गिरने को खिड़की से न देखें अन्दर के कमरे अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित होते हैं। बादलों की जड़-गड़ाहत का तेज व बार-बार होना बड़े खतरे की सूचना है। बादलों की गड़गड़ाहट सुनायी देने पर या बिजली चमकती दिखायी देने पर तुरन्त सुरक्षित स्थान में आश्रय लें। बिजली से चलने वाले मुख्य उपकरण जैसे फ्रिज, कम्प्यूटर, टेली विजन आदि को विद्युत आपूर्ति लाईन से निकाल दें व मोबाईल का उपयोग न करें। वज्रपात के स्थिति में नल से होकर आ रहे पानी का उपयोग न करें, पानी के नल में विद्युत प्रवाह हो सकता है। वज्रपात सुरक्षित निस्तारण हेतु अपने धर व कार्यालय में तड़ित चालक स्थापित करवायें। आपातकालीन सेवाओं का फोन नम्बर पास रखें। रेडियो से मौसम की जानकारी लेते रहें। बिजली की स्थिति में बाहर खुले में रहना सुरक्षित नहीं है। तुरन्त सुरक्षित आश्रय तलासें। पेड़, खम्बों या धातु की वस्तुओं से दूर रहें, यह वज्रपात को आकर्षित कर सकते हैं।

शरीर के बालों का खड़ा होना तथा त्वचा में झुरझरी महसूस होना बताता है कि आपके आस-पास बिजली गिरने वाली है। बज्रपात के कारण घायल हो गये व्यक्ति को छूना पूर्णतः सुरक्षित है, इससे झटका नहीं लगता है। प्रशिक्षित होने पर ही वज्रपात से पीड़ित व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा देने का प्रयास करें और तत्काल अस्पताल ले जायें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटे और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें, बिजली गिरने के दौरान इनमें करंट प्रवाह हो सकता है। अगर आप तालाब, नदी, नहर में हों तत्काल वहॉ से बाहर निकल जाए। उक्त जानकारी सूचना विभाग के नेसार अहमद ने दी।

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