बीजपुर क्षेत्र के स्कूलों में चल रही मनमानी, कैमरे में हुआ सरकारी स्कूलों का बदहाल नजारा, टीचर गायब

25 अगस्त 2019

जनपद न्यूज ब्यूरो

– सुविधा शुल्क देकर टीचर घरों पर बैठकर करते हैं मस्ती

– हाजिरी रजिस्टर में अनुपस्थिति को लेकर नहीं चलती कलम

– खाली छोड़ने पर एक साथ भर दी जाती है हाजिरी

– स्वच्छता का ऐसा नजारा जैसे महीनों से बन्द हो स्कूल

– अधिकारी दौरे के नाम पर महज करते हैं खानापूर्ति

– शिकायत के बाद सिर्फ लोगों को मिलती है जांच करने का आश्वासन

बीजपुर (सोनभद्र) । सूबे में मौजूद सरकार ने बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने के उद्देश्य से हाल ही में मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ मंत्री को भी बदल दिया । सरकार भले ही ऊपर बदलाव कर बेहतर करने का संदेश दे रही हो मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है । जिले में बेपटरी हो चुकी शिक्षा प्रणाली को जिन अधिकारियों के कंधों पर जिम्मेदारी है वे कैसे बेपरवाह और अनजान बने बैठे हैं उसका नजारा बीजपुर में देखा जा सकता है ।

जहां हमारे संवाददाता मुकेश अग्रवाल ने शनिवार को झीलों, जरहां सहित कई विद्यालयों पर जाकर स्थिति को परखा ।

जहां साफ देखा गया कि कैसे जरहा न्याय पंचायत के शिक्षकों की स्कूलों में खुलेआम मनमानी चल रही है लेकिन उसको देखना वाला भी कोई नहीं। स्कूलों की बदहाली साफ दिख रही थी । स्कूल में बने शौचालय की स्थिति ऐसी जहाँ जानवर भी न जाएं । बच्चों की मिड डे मील भी लकड़ियों पर बन रहे हैं जबकि शासन ने सभी स्कूलों को मिड डे मील गैस चूल्हा पर बनाने का निर्देश जारी किया है । वावजूद इसके अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब चल रहा है । संवाददाता के मुताबिक कई स्कूलों में रजिस्टर खाली पड़े थे। पूछने पर बताया गया कि नहीं आये हैं ।

सूत्रों की माने तो म्योरपुर क्षेत्र में कई विद्यालयों के अध्यापक सुविधा शुल्क देकर स्कूल नहीं आते । ऐसा नहीं है कि यह ऊपर के अधिकारियों को नहीं मालूम लेकिन एसी कमरे में बैठकर अनजान बने बैठे हैं । शायद यही कारण है कि आज सोनभद्र देश के 115 पिछड़े जनपदों में शामिल है ।

अभिभावकों का कहना है कि स्कूल चलो अभियान चलाकर पहले यही अधिकारी व शिक्षक बच्चों को स्कूल तक लाते हैं और फिर खुद गायब हो जाते हैं।क्षेत्र के अभिभावक राम प्रसाद, पुरुषोत्तम, प्रेम लाल, जगनरायन, सत्य नरायन, रघुनाथ, जवाहिर, धनेश, रामलगन, रामेश्वर, हीरालाल, रामबक्स ने बताया कि स्कूलों में अध्यापक अक्सर गायब रहते है । कई बार शिकायत करने के बाद भी कभी कार्यवाही नहीं हुई ।ग्रामीणों का आरोप है कि केवल इन सरकारी शिक्षकों की मनमानी व लापरवाही की वजह से अभिभावक अपने बच्चों को निजी विद्यालयो में नामांकन नही करवाते है । बच्चों के अभिभावकों का कहना कि एबीएसए म्योरपुर के निर्देश पर एनपीआरसी जरहा ने ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व में कई बार जाँच कर चुके हैं और जांच में शिकायत सही भी पाया गया । लेकिन जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद भी एबीएसए म्योरपुर के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं कि गयी ।

बहरहाल अभिभावकों ने एक बार फिर जिलाधिकारी से ऐसे अध्यापकों पर कड़ी कार्यवाही करने की गुजारिश की है जो स्कूल के साथ खिलवाड़ कर बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं ।

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