सदाचारी ब्राह्मण को ही प्रणाम करना चाहिये : सन्तदास जी

25 अगस्त 2019

कुलदीप सिंह (संवाददाता)

कमालपुर । चंदौली स्थानीय कस्बा स्थित रामजानकी मन्दिर प्रागण में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को भक्तो को कथा सुनाते अयोध्या के सन्त सन्तदास जी ने कहा कि ब्यभिचारी ब्राह्मण को नही प्रणाम करना चाहिये।जो ब्राह्मण सदाचारी हो उसी को प्रणाम करना चाहिए।आगे उन्होंने कहा कि चारपाई पर बैठकर भोजन नही ग्रहण करना चाहिये।बाये हाथ से जल ग्रहण करना मदिरा सेवन करना है।आगे कथा में उन्होंने पूतना की कथा को क्रमवार से बताया।कहा कि तीन वर्ष की उम्र में ही भगवान कृष्ण की बध करने पूतना कंस के कहने पर गयी ।जहाँ खुद को समाप्त कर चली गयी।भगवान की कथा सुनने वाला जिंदा।व कथा न सुनने वाला मुर्दा के समान है। पूतना के इतिहास को क्रमवार उन्होंने बताया।गलती न हो तो भगवान मिल जाते है।

इस अवसर पर कामता जायसवाल, सुरेंद्र, त्रिलोकी, सुरेश, सन्तोष, दयाराम सहित अन्य उपस्थित रहे।


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