प्रशासन ने माना सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुई रैगिंग, 7 सीनियर छात्र दोषी करार,

23 अगस्त 2019

इटावा । दो दिनों से रैगिंग से इंकार करने के बाद सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बात का स्वीकार कर लिया कि रैगिंग की घटना मेडिकल कैंपस में हुई है। बेसक जांच कमेटी ने सामूहिक छात्रों से रैगिंग के मामले में जांच पड़ताल की थी जिसमें 198 छात्रों ने रैगिंग होने से इंकार किया था । लेकिन कुलपति ने अलग-अलग करके जांच कमेटी बनाई थी जिसमें चीफ फाइनेंस गुरजीत सिंह कलसी के साथ चार सदस्यीय टीम गठित की थी । दूसरी टीम एंटी रैगिंग कमेटी को अति शीघ्र रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। जांच रिपोर्ट में 2018 बैच के एमबीबीएस छात्र अभिषेक राणा, अभिषेक सिंह, रितेश सिंह, रूसल नागर, वैभव सिंह, रंजीत कुमार और प्रतीक सिंह को रैंगिग का दोषी पाया गया है । सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में रैगिंग प्रकरण सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ राजेश वर्मा, डॉ अलका पाठक, डॉ नरेश पाल सिंह, डॉ दुर्गेश कुमार, डॉ नंद किशोर गुप्ता, मिथिलेश दीक्षित, नवीन दीपांशी महेश्वरी, हरिओम गुप्ता ओर सुश्री अनन्या की मौजूदगी में अहम बैठक हुई । उपस्थित सदस्यों द्वारा एकमत होकर निर्णय लिया गया कि एमबीबीएस छात्रों बैच 2019 के सभी छात्र छात्राओं से अलग-अलग लिखित बयान लिए जाए । कुल 105 छात्र एवं 55 छात्राओं के लिखित बयानों में से ज्यादातर ने उल्लेख किया कि किसी सीनियर छात्र द्वारा रैगिंग से इनकार किया है । कतिपय छात्रों द्वारा अपने बयान में उल्लेख किया गया कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से अपने सिर के बाल मुंडवाये हैं । जो अलग-अलग समय पर करवाया गया है छात्रों ने इसके पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं । किसी भी छात्र का मुंडन परिसर के अंदर किसी भी सीनियर छात्र द्वारा नहीं कराया गया है । 160 छात्र छात्राओं में से अधिकांश ने अपने बयान में उल्लेख किया कि उनके कालेज पर अथवा छात्रावास में किसी सीनियर द्वारा उनकी रैगिंग नहीं की गई है । कालेज परिसर एवं छात्रावास का माहौल उनके लिए पूर्णता सुरक्षित है । इन सभी एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के बयान को सील्ड लिफाफे में रख दिया गया है ।
एमबीबीएस बैच 19 के 5 छात्रों को एवं चार छात्राओं द्वारा अपने बयान में उल्लेख किया गया है कि उनके साथ सीनियर्स द्वारा रैगिंग की गई है ।
जिसके एक छात्र द्वारा पांच सीनियर छात्रों के नाम अध्यक्ष एंटी रैगिंग कमेटी को व्हाट्सएप पर प्रेषित किए गए । पांच सीनियर छात्रों के नाम अभिषेक राणा,अभिषेक सिंह, रितेश सिंह ,रूसल नागर एवं वैभव सिंह है । यह सभी एमबीबीएस छात्र बैच 2018 के है ।
2019 बैच के 7 छात्र-छात्राओं ने दो सीनियर छात्रों, रंजीत कुमार, प्रतीक सिंह दोनों एमबीबीएस बैच 2018 के उनके द्वारा रैगिंग किए जाने का मौखिक रूप से स्वीकार किया गया है ।
एंटी रैगिंग कमेटी ने इस बात की संस्तुति कर दी है कि रैगिंग में संलिप्त पाए गए छात्र अभिषेक राणा, अभिषेक सिंह, रितेश सिंह, रूशल नागर, वैभव सिंह ,रंजीत कुमार प्रतीक सिंह पर 25000, 25000 का आर्थिक दंड लगाया जाए, एक माह तक छात्रावास और कक्षाओं से प्रतिबंधित किए जाने के अलावा एमबीबीएस छात्रों पर 5000 रुपये जुर्माना किया गया है ।


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