प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना में इच्छुक व्यक्ति योजना का उठायें लाभ

22 अगस्त 2019
दीनदयाल शास्त्री ब्यूरो

पीलीभीत शासनादेश दिनांक 14 अगस्त 2019 के द्वारा प्रदेश के लघु एवं सीमान्त कृषकों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने एवं वृद्धावस्था में उनकी आजीविका के साधन उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से स्वैच्छिक रूप से पुरूष एवं स्त्री दोनों के लिए 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर रू0 3000/- की एक सुनिश्चित मासिक पेंशन योजना के रूप में प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पी0एम0केएमवाई) लागू की गयी है। वही योजना हेतु निर्देश दिये गये हैं कि यह एक स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन स्कीम है और इसमें शामिल होने की आयु 18 से 40 वर्ष तक है। पीएम-केएमवाई एक केन्द्रीय योजना है, जिसका संचलन कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा द्वारा भारतीय जीवन बीम निगम की भागीदारी से किया जायेगा। एल0आई0सी0 पेंशन निधि प्रबंधक होगी और पेंशन का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगी। यह अपवर्जक मानदण्डों (अपात्रता की श्रेणी) के अधीन प्रदेश के सभी भू धारक लघु एवं सीमान्त कृषकों के लिए स्वैच्छिक और आवधिक योगदान आधारित पेंशन प्रणाली है। लघु एवं सीमान्त किसानों के पास सीधे पीएम किसान से प्राप्त वित्तीय लाभ से स्कीम में अपने स्वैच्छिक योगदान का भुगतान करने की अनुमति देने का विकल्प होगा। पात्र लघु एवं सीमान्त किसान पीएम-केएमवाई के लिए योगदान देने के लिए पीएम किसान लाभ का उपयोग करने के इच्छुक है को अपने बैंक खाते में आटोडेबिट हेतु सहमति देने के लिए नामांकन सह-आटो डेबिट मैण्डेट फार्म पर हस्ताक्षर करने जमा करना होगा। केन्दीय सरकार भी कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग के माध्यम से पात्र अभिदान द्वारा अभिदान की गई धनराशि के बराबर धनराशि का निधि में योगदान करेगी। मासिक अभिदान प्रत्येक माह की उसी तारीख को देय होगा जिस तारीख को पंजीयन किया गया। लाभग्राही अपने अभिदान हेतु तिमाही, चारमाही या छमाई विकल्प चुन सकता है। निहित तिथि से पहले ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में ग्राहक के जीवन साथी के पास योजना के तहत शेष योगदान के भुगतान के द्वारा योजना को जारी रखने का विकल्प होगा। निहित तिथि से पहले ग्राहक की मृत्यु के मामले में यदि जीवन साथ योजना के तहत जारी रखने का विकल्प का उपयोग नही करते है तो अर्जित ब्याज राशि या बचत बैंक ब्याज के साथ जो भी अधिक है, योजना के तहत देय होगा। निहित तिथि से पहले की मृत्यु के मामले में बगैर कोई पति या पत्नी नही है तो ग्राहकों को योगदान अर्जित ब्याज राशि या बचत बैंक ब्याज के साथ ग्राहकों का योगदान जो अधिक है योजना के तहत नामित को देय होगा। ग्राहक द्वारा नियमित अंशदानों के भुगतान की प्रक्रिया भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों के अनुसार होगी। किसी भी परिस्थिति में पेंशन को स्थानान्तरण नही किया जायेगा। कृषक योजना से सम्बन्धित जानकारी के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत प्राविधिक सहायकों से कर सकते हैं।


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