चंद्रयान2 को चांद की दूसरी कक्षा में प्रवेश कराएगा इसरो

21 अगस्त 2019

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज यानी बुधवार को चंद्रयान 2 को चांद की दूसरी कक्षा में प्रवेश कराएगा । इसरो वैज्ञानिक दोपहर 12.30 से 01.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#2 में डालेंगे । चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ 121 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 4303 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली दूसरी अंडाकार कक्षा में अगले सात दिनों तक घूमता रहेगा। इसके बाद 28 अगस्त को चंद्रयान-2 को चांद की तीसरी कक्षा में डाला जाएगा ।

इसरो वैज्ञानिकों ने 20 अगस्त यानी मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया था । चंद्रयान-2 इस कक्षा में 118 किमी की एपोजी और 18078 किमी की पेरीजी वाली अंडाकार कक्षा में घूम रहा है । जो बुधवार दोपहर बदल जाएगा. इसरो वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान की गति को 10.98 किमी प्रति सेकंड से घटाकर करीब 1.98 किमी प्रति सेकंड किया था. चंद्रयान-2 की गति में 90 फीसदी की कमी इसलिए की गई थी ताकि वह चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव में आकर चांद से न टकरा जाए । 20 अगस्त यानी मंगलवार को चांद की कक्षा में चंद्रयान-2 का प्रवेश कराना इसरो वैज्ञानिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था । लेकिन, हमारे वैज्ञानिकों ने इसे बेहद कुशलता और सटीकता के साथ पूरा किया ।

7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा । चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था । इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है ।

1 सितंबर तक चार बार चांद के चारों तरफ चंद्रयान-2 बदलेगा अपनी कक्षा

LBN#2- 21 अगस्त की दोपहर 12.30-1.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 121×4303 किमी की कक्षा में डाला जाएगा.
LBN#3- 28 अगस्त की सुबह 5.30-6.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 178×1411 किमी की कक्षा में डाला जाएगा.
LBN#4- 30 अगस्त की शाम 6.00-7.00 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 126×164 किमी की कक्षा में डाला जाएगा.
LBN#5- 01 सितंबर की शाम 6.00-7.00 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 114×128 किमी की कक्षा में डाला जाएगा.
2 सितंबर को यान से अलग हो जाएगा विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर

चांद के चारों तरफ चार बार कक्षाएं बदलने के बाद चंद्रयान-2 से विक्रम लैंडर बाहर निकल जाएगा । विक्रम लैंडर के साथ प्रज्ञान रोवर भी ऑर्बिटर से अलग होकर चांद की तरफ बढ़ना शुरू करेगा. विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर चांद के चारों तरफ दो चक्कर लगाने के बाद 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे ।


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