भाई के हाथों राजपाठ सौंप प्रधान विदेश में कर रहा कामकाज, प्रशासन स्तब्ध, जांच शुरू

17 अगस्त 2019

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र त्रेता युग में भरत द्वारा रामचन्द्र जी के खड़ाऊं को रखकर राजपाठ चलाने की कहानी तो आपने सुनी व पढ़ी होगी लेकिन अब कलयुग में भी एक भाई ऐसा भी है जो अपने प्रधान भाई का राजपाठ चला रहा है। बस अंतर यह है कि त्रेता युग में भरत खड़ाऊ रख कर राजपाठ चला रहे थे और कलयुग में भाई चेकबुक के सहारे उसका राजपाठ चला रहा है। अपने आप में बेहद चौकाने वाली खबर जनपद सोनभद्र के घोरावल ब्लाक के सोतिल गांव का है। जहाँ का प्रधान रामेश्वर नाथ विश्वकर्मा नेपाल में काम करता है, जिसकी वजह से वह साल भर में कभी-कभी आता है लेकिन उसकी प्रधानी धड़ल्ले से चल रही है। यह कैसे सम्भव हो रहा है यह अपने आप में बड़ा सवाल है साथ ही जांच का विषय है।

जबकि ग्रामीण रविन्द्र का कहना है कि प्रधानी चुनाव के वक्त रामेश्वर उन लोगों से वादा किया था कि वह विदेश की नौकरी छोड़ गांव में जनता की सेवा करेगा लेकिन जीतने के कुछ महीने बाद ही वह फिर से नेपाल चला गया और कभी कभार त्योहारों में आने-जाने लगा।

वहीं अन्य ग्रामीण तेतरी व सुगनी देवी का आरोप है कि प्रधान के न रहने से काफी दिक्कतें हो रही हैं। सारे विकास कार्य ठप हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें पेंशन तक नहीं मिल पा रहा लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

वहीं कई ग्रामीणों ने अपनी अपनी परेशानियों के बारे में बताया । ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास ठप है और जो काम हो रहे है वह मनमानी तौर पर पैसे लेकर कराए जा रहे। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं है।

मुकेश कुमार का कहना है कि प्रधान का भाई प्रधान का भी कोई भी कार्य करने के लिए पैसे की मांग करता है। आवास में भी कई ग्रामीणों से पैसे लिए जाने की बात भी ग्रामीणों ने बताया।

प्रधान के न रहने से सिर्फ गांव ही नहीं स्कूल भी प्रभावित है। स्कूल के टीचर रोहित सिंह का कहना है कि मिड डे मील के लिए प्रधान के साथ उनका चेक बुक पर हस्ताक्षर होता है। अध्यापक का कहना है कि प्रधान बाहर रहते हैं और जब आते हैं तभी चेक कटता है।

इस पूरे मामले पर अधिकारी को अब तक कोई जानकारी नहीं है। जनपद न्यूज लाइव द्वारा खबर उठाने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कम्प मचा हुआ है। सीडीओ अजय कुमार द्विवेदी ने इस पूरे मामले पर ब्लाक से एक स्पष्टीकरण मांगा है और जांचकर कार्यवाही की बात भी कही हैं।

आपको बता दें कि घोरावल ब्लाक के उभ्भा गांव में प्रधान की दंबगई के कारण हुए नरसंहार की घटना को लोग अभी भूल भी नहीं पाए कि इसी ब्लाक के सोतिल गांव का यह मामला एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है । उभ्भा नरसंहार के बाद जनपद सोनभद्र सीधे मुख्यमंत्री के निगाह पर है वावजूद इसके इतनी बड़ी लापरवाही वषों से चली आ रही थी और किसी को जानकारी तक नहीं हुई अपने आप में बड़ी बात है। बहरहाल अब देखने वाली बात यह है कि मूर्तिया गांव के प्रधान की चूक का दंश झेल चुकी प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाती है ।



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