रवि शास्त्री फिर चुने गए भारतीय क्रिकेट टीम के कोच

16 अगस्त 2019

रवि शास्‍त्री को फिर से भारतीय क्रिकेट टीम का कोच चुना गया है। कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने रवि शास्त्री को मुख्य कोच पद पर बरकरार रखने का फैसला किया।सीएसी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में यह जानकारी दी। शास्‍त्री की नियुक्ति दो साल की अवधि के लिए की गई है । उनका कार्यकाल भारत में 2021 में होने वाले टी20 वर्ल्‍डकप के साथ खत्‍म होगा । भारतीय टीम के साथ शास्‍त्री का यह चौथा कार्यकाल होगा । वे 2007 के बांग्‍लादेश दौरे में क्रिकेट मैनेजर, 2014 से 2016 तक टीम डायरेक्‍टर और वर्ष 2017 से 2019 तक प्रमुख कोच की जिम्‍मेदारी संभाल चुके हैं । सीएसी के प्रमुख कपिल देव ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बताया, ‘कोच के तौर पर रवि शास्‍त्री पहली पसंद रहे । दूसरे स्‍थान पर माइक हेसन और तीसरे स्‍थान पर टाम मूडी को तरजीह दी गई थी’ ।

बीसीसीआई ने जुलाई में भारतीय टीम के कोच पद के लिए विज्ञापन निकाला था जिसके लिए 2000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था । आखिर में बीसीसीआई ने मुख्य कोच के लिए 6 नामों को शॉर्टलिस्ट किया, जिसमें 3 भारतीय और 3 विदेशी थे। शास्‍त्री के अलावा ऑस्‍ट्रेलिया के टॉम मूडी, न्‍यूजीलैंड के माइक हेसन, भारत के लालचंद राजपूत और रॉबिन सिंह भी कोच पद के दावेदारों में शामिल थे । वेस्टइंडीज के पूर्व सलामी बल्लेबाज फिल सिमंस ने शुक्रवार को भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था जिसके बाद इस पद के लिए पांच दावेदार रह गए थे ।

इसका मतलब है कि राजपूत और रॉबिन सिंह दौड़ काफी पीछे चले गए थे। उम्मीद्वारों की मुख्य रूप से पांच मानकों पर परखा गया जिसमें कोचिंग पद्धति, अनुभव, उपलब्धियां, संवाद और आधुनिक उपकरणों का ज्ञान शामिल हैं। ‘बहुत अच्छा’ के लिए 20 अंक दिए गए जबकि ‘अच्छा’ के लिए 15 अंक मिले। औसत को दस और खराब को पांच अंक मिले।
कपिल ने कहा, ‘हम सभी ने अंक दिए और ईमानदारी से कहूं तो हमने आपस में यह चर्चा नहीं की कि किसने किसे कितने अंक दिए। जब हमने अंकों को जोड़ा तो यह काफी करीबी मुकाबला रहा। मैं आपको विस्तार से नहीं बताऊंगा कि कितने अंकों का अंतर रहा लेकिन यह काफी कम अंकों का अंतर था। ’
भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि शास्त्री के संवाद कौशल ने उनके चयन में अहम भूमिका निभायी। कपिल ने कहा, ‘वे सभी लाजवाब थे। कुछ अवसरों पर मुझे लगा कि शास्त्री संवाद कौशल में बेहतर है, बाकी सदस्यों की राय हो सकती है इसमें भिन्न हो लेकिन हमने इस पर चर्चा नहीं की। हमने प्रस्तुति सुनने के बाद सभी को अंक दिये। हम तीनों ने काफी कुछ सीखा। सभी ने अपनी प्रस्तुति के लिए कड़ी मेहनत की थी।’
कोहली ने वेस्ट इंडीज दौरे पर रवाना होने से पहले कोच पद के लिए शास्त्री के नाम का समर्थन किया था जिसके बाद यह तय माना रहा था कि यह पूर्व भारतीय कप्तान इस पद पर बना रहेगा। सभी उम्मीदवारों में शास्त्री का रेकॉर्ड शानदार था। उनके कोच रहते हुए भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुंची और उसने 71 वर्षों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराया। उनकी अगुआई में हालांकि भारत आईसीसी टूर्नमेंट नहीं जीत पाया तथा उसे 2015 और 2019 के विश्व कप में निराशा हाथ लगी।

गायकवाड़ ने भी कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही। कपिल ने शास्त्री की प्रस्तुति के बारे में बताने से इन्कार कर दिया जिन्होंने एंटीगा से विडियो कॉल के जरिए साक्षात्कार दिया। वह साक्षात्कार देने वाले अंतिम उम्मीदवार थे।
कपिल ने कहा, ‘यह गोपनीय है। उन्होंने पिछले दो साल में जो हासिल किया और वह कैसे भारतीय टीम को आगे ले जा सकते हैं, इस आधार पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने इस टीम को मजबूत बनाने के लिए बोर्ड से और समय मांगा।’

शास्त्री के सामने 4 चुनौतियां

■ 2020 टी-20 वर्ल्ड कप में खिताब दिलाना

■ 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनाना

■2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टीम को कामयाब बनाना

■ 2021 में ही वर्ल्ड वनडे चैंपियनशिप में टीम को चैंपियन बनाना



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