डाला खनन बंदी का असर,दिख रहा हैं रक्षाबंधन के त्योहार में

14 अगस्त 2019

शशि चौबे / संजय केसरी (संवाददाता)

डाला। क्षेत्र में खनन बंदी का असर सावन मास के रक्षाबंधन के त्यौहार पर भी न नजर आने लगा है रक्षाबंधन का त्यौहार हिंदू धर्म में भाई-बहन के अटूट रिश्ते को लेकर मनाया जाता है जो सावन मास के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। बहने अपनी रक्षा को लेकर व भाई कि कामयाबी को लेकर मन्नते मांगती है और कच्चे धागे से बनी राखी भाई की कलाई पर बांधी जाती है जिससे घर परिवार में लोगों में एक खुशनुमा माहौल बनता है।

क्षेत्र में खनन के लंबे समय से बंदी के कारण जहां लोगों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई हैं ऐसे में लोग अपने त्यौहारों को कुशलता पूर्वक मनाने ने आर्थिक कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा है बाजार में ज्यादातर लोगों को सस्ती राखी की खोज हो रही है ऐसे में बहनें अपने भाइयों के कलाइयो पर अच्छी राखी बांधने को लेकर भी मजबूर दिख रही है डाला बाजार में आज राखी के त्यौहार को लेकर जगह-जगह दुकाने राखियों से सजी हुई है।

मिठाई की दुकानों पर तरह-तरह के व्यंजन दुकानदारों के द्वारा सजाए हुए है। वहीं ग्राहकों के नदारद होने से दुकानदार भी मायूस नजर आ रहा है ऐसे में बहने भी प्रदेश सरकार से खनन चालु होने कि आस लगाए हुए हैं जिससे रोजगार के क्षेत्र में कानून व्यवस्था पटरी पर लौटेगी और लोगों के अपने खुशहाल जीवन जीने के लिए तब रोजी-रोटी की व्यवस्था हो सकेंगी।


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