19 साल बाद एक साथ मनाया जाएगा,15 अगस्त व रक्षाबंधन का त्योहार

देशभर में इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के साथ मनाया जाएगा. ज्योतिषियों की मानें तो 19 साल बाद राखी पर ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है, जब स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन एक साथ पड़ रहे हो.

इससे पहले यह संयोग साल 2000 में बना था. इस बार बहनों के लिए अच्छी बात यह है कि उन्हें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिेए किसी खास समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है. जिसकी वजह से इस दिन राखी बांधने के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं किस कामना की पूर्ति के लिए भाई को कैसा रक्षासूत्र बांधना चाहिए.

किस कामना की पूर्ति के लिए भाई को कैसा रक्षासूत्र बांधें ?

– भाई की अच्छी शिक्षा और एकाग्रता के लिए – नारंगी रंग का रक्षासूत्र बांधें

– भाई के शीघ्र विवाह के लिए – ऐसा रक्षासूत्र बांधें जिसमें सफ़ेद रंग के नग लगे हों

– भाई के विवाह सम्बन्धी समस्याओं के लिए – पीले रंग का रक्षासूत्र बांधें

– भाई के रोजगार और आर्थिक लाभ के लिए – नीले रंग का रक्षासूत्र बांधें

– भाई की नकारात्मक ऊर्जा और दुर्घटना से रक्षा के लिए – लाल रंग का रक्षासूत्र बांधें

– भाई की हर प्रकार से रक्षा के लिए – लाल पीले सफ़ेद रंग का मिश्रित रक्षासूत्र बांधें

किस मनोकामना के लिए बहन को कैसा उपहार दें ?

– बहन के करियर और नौकरी के लिए- अच्छी कलम,पुस्तकें और लैम्प उपहार में दें.

– बहन के शीघ्र विवाह के लिए- सुगंध और पीले वस्त्र उपहार में दें.

– बहन के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए- चांदी के आभूषण और चप्पल जूते उपहार में दें.

– बहन के संतान सम्बन्धी समस्याओं के लिए- बाल कृष्ण की मूर्ति और संगीत का सामान दें.

– बहन की आर्थिक सम्पन्नता के लिए- बहन को लाल वस्त्र, मिठाई और चावल उपहार में दें.

रक्षाबंधन पर दरिद्रता दूर करने के लिए क्या उपाय करें ?
– अपनी बहन के हाथ से गुलाबी कपडे में अक्षत, सुपारी और एक रूपये का सिक्का ले लें.

– इसके बाद अपनी बहन को वस्त्र और मिठाई उपहार में दे दें , उनका चरण छूकर आशीर्वाद लें.

– गुलाबी कपडे में सारे सामान को बांधकर अपने धन स्थान पर रख दें.

– आपकी दरिद्रता दूर होनी शुरू हो जायेगी.

रक्षाबंधन पर मानसिक समस्याओं को दूर करने के लिए क्या उपाय करें ?
– रक्षाबंधन को शाम को अपनी गोद में एक हरा पानी वाला नारियल रखें.

– इसके बाद “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः” का 108 बार जाप करें.

– जाप समाप्त हो जाने के बाद नारियल को अगले चौबीस घंटे में बहते जल में प्रवाहित कर दें.

– हर तरह की मानसिक और शारीरिक पीड़ा से मुक्ति मिलेगी.



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