बाढ़ से कई राज्यों में मची भयंकर तबाही, 221 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता

11 अगस्त 2019

देश के कई राज्य बाढ़ की महाविपदा से घिरे हैं । केरल से कर्नाटक तक और गुजरात से महाराष्ट्र तक कुदरत ने कोहराम मचा रखा है । आसमानी आफत का ऐसा हमला हुआ है कि दक्षिण डूब रहा है और पश्चिम तक चीखपुकार मची है । देश के नौ राज्यों में बाढ़ से अब तक 221 लोग जान गंवा चुके हैं । सैकड़ों लोग लापता हैं । केरल में पिछले साल भी बाढ़ ने जानलेवा तबाही मचाई थी ।

इससे बाढ़, भूस्खलन और बारिश संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है । 1,551 राहत शिविरों में करीब 2.27 लाख लोगों ने पनाह ली है । प्रमुख बांधों में पानी का स्तर बढ़ना भी चिंता का कारण बना हुआ है ।

वायनाड जिले के पुथुमाला में अब भी आठ लोग लापता है और उनकी तलाश जारी है । वहां आठ अगस्त को भीषण भूस्खलन हुआ था । इस बीच, मूसलाधार बारिश के कारण रनवे पर पानी भर जाने के चलते दो दिन से बंद कोच्चि स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार दोपहर से विमानों का परिचालन फिर शुरू कर दिया गया । राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश से थोड़ी राहत की खबरें हैं लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने वायनाड, कन्नूर और कासरगोड़ में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है । सेना, नौसेना, तटरक्षक बल, एनडीआरएफ, पुलिस बल, स्वयंसेवकों और मछुआरों समेत विभिन्न एजेंसियां बचाव कार्य में लगी हैं । केरल में पिछले साल भी भूस्खलन और बाढ़ से भारी तबाही मची थी. इसमें 400 से अधिक लोगों की जान गई थी और लाखों लोग बेघर हुए थे ।

कर्नाटक में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 31 पहुंची
कर्नाटक में बारिश से संबंधित घटनाओं में मृतकों की संख्या 31 पर पहुंच गई है जबकि 14 लोग लापता हैं और राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है । 3.14 लाख लोगों को दूसरे स्थानों में ले जाया गया है और उनमें से 2.18 लाख लोग 924 राहत शिविरों में रह रहे हैं। बेलगावी जिले में बाढ़ का प्रकोप सबसे अधिक है । सरकार ने आकलन किया है कि भारी बारिश के बाद आयी बाढ़ में 21,431 मकानों और 4.16 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचा । भूस्खलन की घटनाओं के मद्देनजर बेंगलुरू और मंगलुरू को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग कल बंद रहेगा । दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी में जल स्तर में मामूली कमी आयी है. बंटवाल के पास भी जल स्तर में कमी आयी है । बंटवाल में उफान पर चल रही नदियों के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए जिससे कई लोग प्रभावित हुए ।

महाराष्ट्र में बाढ़ बारिश के कारण 40 लोगों की मौत
पश्चिमी महाराष्ट्र में पिछले एक सप्ताह में पांच जिलों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 40 लोगों की मौत हो चुकी है । इनमें बृहस्पतिवार को सांगली के ब्रह्मनाल गांव के समीप एक नौका पलटने से डूबे 17 लोग शामिल हैं. राज्य में सबसे ज्यादा प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों से अभी तक करीब 3.78 लाख लोगों को बचाया गया है । इन जिलों में शनिवार से पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है. राज्यभर से अभी तक कुल 4,24,333 लोगों को बचाया गया है । इनमें से अकेले कोल्हापुर से 2.33 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है. 69 तहसीलों में कुल 761 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. एनडीआरएफ ने 10 जिलों में 29 टीमें, एसडीआरएफ ने तीन, तटरक्षक बल ने 16, नौसेना ने 41 और सेना ने 21 टीमें तैनात की है ।

गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में पिछले तीन दिनों से बारिश जारी है । बाढ़ बारिश के कारण 31 लोगों की मौत हो गई है ।


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