शामली पुलिस का सिपाही रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

11 अगस्त 2019

जनपद शामली में शामली पुलिस का एक सिपाही पचास हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ आ गया मेरठ से आई एन्टी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए सिपाही को गिरफ्तार किया है। जिसके पास है रिश्वत में लिए गए 50000 रुपए भी एंटी करप्शन के टीम ने बरामद किए हैं। एंटी करप्शन टीम सिपाही को गिरफ्तार कर शामली कोतवाली ले आई है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। एंटी करप्शन टीम द्वारा सिपाही को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

दरअसल आपको बता दें कि पूरा मामला जनपद शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के वीडियो ली का है जहां से मेरठ से आई एंटी करप्शन की टीम ने शामली पुलिस के सिपाही सचिन कुमार को 50000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जबकि उसके दो अन्य साथी हेड कॉन्स्टेबल शौकीन व अंकुर एन्टी करप्शन टीम को देखकर मौके से फरार हो गए। एंटी करप्शन की टीम रिश्वत के साथ पकड़े गए सिपाही को शामली कोतवाली पुलिस लेकर पहुंची जहां पर उससे पूछताछ की जा रही है। सिपाही के द्वारा रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन द्वारा सिपाही को पकड़ने की बात सुनते ही पुलिस के तमाम आला अधिकारी भी कोतवाली पहुंचे और आरोपी सिपाही से पूछताछ की। सिपाही सचिन को मेरठ से आई एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया है जिससे टीम में कुल 15 सदस्य थे जो कि शिकायत मिलने पर शामली आए थे और सिपाही को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है फिलहाल एंटी करप्शन के डिप्टी एसपी शमशेर सिंह ने भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। एंटी करप्शन की टीम द्वारा सिपाही को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने के बाद से ही शामली के पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव पावटी कला के रहने वाले मेहंदी हसन ने पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान मेरठ में उपस्थित होकर एक शिकायती पत्र दिया था जिसमें कहा गया था कि कॉन्स्टेबल शौकीन व अंकित वह एक दरोगा जिसका उन्हें नाम नहीं पता जो कि थाना झिंझाना मैं पोस्टेड है उनके द्वारा उनसे 50,000 रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है पीड़ित ने शिकायती पत्र में लिखा था कि वह दिनांक 6 एक 2019 को रात्रि 8:00 बजे बीमार रिश्तेदार शहीद व उसकी पत्नी सिराथू को लेकर झिंझाना इमाम साहब की मजार पर जा रहे थे अभी पीछे से आई झिंझाना पुलिस की गाड़ी ने उनकी गाड़ी को झिंझाना बस अड्डे पर ओवरटेक किया और अपनी गाड़ी लगा दी और पीड़ितों को कहा कि तुम तांत्रिक हो और यह कहते हुए ने पकड़कर थाने ले आए और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी और कहा कि या तो दओ लाख की रिश्वत दे दो नहीं तो तुम लोगों को जेल भेज देंगे। पुलिसकर्मियों की यह बात सुनकर वह घबरा गए और पीड़ित ने अपने चचेरे भाई वसीम को थाने बुला लिया जो कि झिंझाना में ही स्पेयर पार्ट्स की दुकान करता है। पीड़ित का आरोप है कि उसने भी काफी मिन्नतें की लेकिन सिपाही शौकीन व अंकित वे एक दरोगा जिसका नाम नहीं जानते धमकी देते हुए 7- 8- 2019 को शाम 4:00 बजे तक ₹50000 का इंतजाम करने की बात कही और कहा कि अगर तुमने पैसे का इंतजाम नहीं किया तो तुम्हें झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेज देंगे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बिना किसी अपराध के उसे व उसकी पत्नी को अवैध हिरासत में रखा और ₹50000 रिश्वत के मांगे और वह लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे सिपाहियों द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी जिससे वह परेशान हो गया था और उसने इस बात की शिकायत है मेरठ की एंटी करप्शन टीम को दी जिसके बाद मेरठ एंटी करप्शन विभाग द्वारा एक टीम गठित की गई जिसमें शमशेर सिंह पुलिस उपाधीक्षक को प्रभारी नियुक्त किया गया व अन्य लोगों को टीम में शामिल किया गया और उक्त सिपाहियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया गया जिसके तहत एंटी करप्शन टीम ने एक पूरा जाल बिछाया और वह लोग शामली पहुंचे शामली पहुंचकर एंटी करप्शन की टीम कल शाम 5:20 पर कलेक्ट्रेट शामली से रवाना हुई तथा पीड़ित मेहंदी हसन को फोन किया और विजय चौक पर बुला लिया जिसके बाद टीम झिंझाना की तरफ चल पड़ी और रास्ते में टीटोली बिजली घर पर पीड़ित मेहंदी हसन को दो ₹2000 के 25 नोट दिए और उन पर विनोद तेलीन पाउडर लगाकर कहा कि यह पैसे तुम्हें जो भी सिपाही रिश्वत लेने के लिए बुला रहा है उसको देने हैं जिसके बाद टीम वहां से रवाना हुई और गाड़ी वाला चौराहे पर स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर पीड़ित मेहंदी हसन पहुंच गया जिसको भी दूर खड़ी हुई एंटी करप्शन की टीम लगातार देख रही थी और जैसे ही रिश्वत के पैसे सचिन कुमार नाम के सिपाही ने लिए तो एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया जबकि उसके साथ स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर मौजूद दो अन्य सिपाही हेड कांस्टेबल शौकीन व कांस्टेबल अंकुर भीड़भाड़ का फायदा उठाकर भाग गए जिसके बाद एंटी करप्शन की टीम पकड़े गए सिपाही को कोतवाली ले आई और उससे पूछताछ की पूछताछ के बाद एंटी करप्शन की टीम ने भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 की धारा के तहत आरोपी सिपाही सचिन के खिलाफ कोतवाली पुलिस में अभियोग पंजीकृत करा दिया।

मेरठ से आई एंटी करप्शन की टीम के डिप्टी एसपी शमशेर सिंह ने आरोपी सिपाही सचिन कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कराया है और उनके द्वारा बताया गया है कि पीड़ित ने इसकी शिकायत पर पुलिस अधीक्षक सतर्कता से की थी जिसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता ने इस टीम का गठन किया था और हमें यहां पर भेजा गया था उसी के तहत पूरा एक जाल बिछाकर भ्रष्टाचार में लिप्त सिपाही अंकुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

कब और कहाँ थाने में तैनात रहा सिपाही सचिन

रिश्वत लेते हुए पकड़ा मार है जो कि 2015 से जनपद शामली में तैनात है और वह थाना थानाभवन, आदर्श मंडी जैसे कई थानों में रह चुका है और वर्तमान में पिछले करीब 1 साल से थाना झिंझाना में तैनात था।

सिपाही को मिल चुका है अच्छे पुलिसकर्मी का अवार्ड

सिपाही सचिन कुमार बेहतर पुलिसिंग के लिए भी जाना जाता रहा है और शामली पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात रहते हुए उसे अच्छे पुलिसकर्मी के रूप में अवॉर्ड भी मिल चुका है पिछले साल 26 2018 को 26 जनवरी के उपलक्ष में शामली की पुलिस लाइन में हुए कार्यक्रम में पुलिस में रहकर अच्छे पुलिसकर्मी का फर्ज निभाने के लिए सचिन कुमार को तत्कालीन जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह द्वारा सम्मानित भी किया गया था।

वह इस पूरे मामले में एसपी शामली अजय कुमार पांडे ने बताया कि विजिलेंस टीम मेरठ यूनिट के डिप्टी एसपी द्वारा मुझे रिपोर्ट दी गई कि थाना झिंझाना क्षेत्र में एक सिपाही है सचिन कुमार उसके द्वारा एक पब्लिक के आदमी से 50 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है, साथ ही साथ सचिन कुमार के 2 साथी पुलिसकर्मी मौके और भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए हैं। इस तरह की रिपोर्ट मुझे दी गई उनके द्वारा और साथ ही साथ उन्हीं के द्वारा जिनका नाम शमशेर सिंह है डिप्टी एसपी है। विजिलेंस ने थाना कोतवाली शामली पर इसी बाबत शामली कोतवाली पर एक मुकदमा भ्रष्टाचार अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत दर्ज कराया गया है। जिसमें यह सचिन कुमार और उसके दो अन्य साथी पुलिसकर्मी नामजद है और सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया है और आज उसे मेरठ जेल भेजा जा रहा है। मेरठ से ही विवेचना संपादित की जाएगी और मेरे द्वारा सिपाही सचिन व उसके दो अन्य साथी शौकीन वे अंकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रचलित कर दी गई है।


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