पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली एम्स में भर्ती, हालत स्थिर

09 अगस्त 2019

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के नेता अरुण जेटली को दिल की धड़कन तेज होने और बेचैनी की शिकायत के बाद शुकवार सुबह 10 बजे एम्स में भर्ती कराया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे जेटली का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी उनका हालचाल लेने के लिए एम्स पहुंचीं । वहीं एम्स का कहना है कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है ।

एम्स ने एक बयान में कहा, ‘अरुण जेटली को आज सुबह एम्स में भर्ती कराया गया, फिलहाल वह आईसीयू में हैं जहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है.फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है.’जेटली (66) को सुबह करीब 10 बजे कार्डियो-न्यूरो सेंटर में भर्ती कराया गया.

एम्स ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन

अरुण जेटली का हाल जानने के लिए गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला भी AIIMS पहुंचे. अमित शाह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एम्स पहुंचे. अरुण जेटली का हाल जानने के थोड़ी देर बाद पीएम अस्पताल से निकल गए. इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के अलावा राज्यवर्धन सिंह राठौर और जेपी नड्डा भी एम्स पहुंचे.

कैबिनेट में शामिल होने से किया था मना

पिछले काफी समय से अरुण जेटली अस्वस्थ चल रहे हैं और इसी वजह से दूसरी मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल होने से उन्होंने इनकार कर दिया था. अरुण जेटली ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मंत्रिमंडल में शामिल होने से मना कर दिया था.

अरुण जेटली ने ट्विटर पर चिट्ठी को शेयर करते हुए लिखा था, ‘पिछले 18 महीने से मैं बीमार हूं. मेरी तबीयत खराब है, इसलिए मुझे मंत्री न बनाने पर विचार करें.’ 30 मई को पीएम मोदी और उनके मंत्रिमंडल शपथ ली थी ।

अरुण जेटली ने लिखा, ‘आपकी (पीएम मोदी) अगुवाई में 5 साल काम करने का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा. इससे पहले भी एनडीए सरकार में मुझे जिम्मेदारियां दी गईं. सरकार के अलावा संगठन और विपक्ष के नेता के रूप में मुझे अहम जिम्मेदारियों से नवाजा गया. अब मुझे कुछ नहीं चाहिए।’

खराब सेहत का हवाला देते हुए अरुण जेटली ने लिखा, ‘मैं आपसे औपचारिक रूप से अनुरोध करने के लिए लिख रहा हूं कि मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य के लिए उचित समय चाहिए और इसलिए मैं नई सरकार में किसी भी जिम्मेदारी का हिस्सा नहीं बनना चाहता हूं. इसके बाद निश्चित तौर पर मेरे पास काफी समय होगा, जिसमें मैं अनौपचारिक रूप से सरकार या पार्टी में कोई भी सहयोग कर सकता हूं.’

सॉफ्ट टिशू कैंसर से पीड़ित हैं जेटली

पिछले साल मई में अरुण जेटली का किडनी प्रत्यारोपण हुआ था. इसके बाद जेटली के बायें पैर में सॉफ्ट टिशू कैंसर हो गया है, जिसकी सर्जरी के लिए वह इसी साल जनवरी में अमेरिका भी गए थे ।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!