56वें दिन भी महिलाओं का भूख हड़ताल जारी

05 अगस्त 2019

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

– महिलाओं द्वारा भूखहड़ताल का क्रम जारी

– महिलाओं के भूख हड़ताल का 56वां दिन

– 300 महिलाएं अब तक भूख हड़ताल पर बैठ चुकी हैं

– महिलाएं बोली दोषी पाए गए ग्राम विकास अधिकारी को बचाने में जुटा जिला प्रशासन

– लैहारी व रामकोट में 40 वर्षों से ज्यादा समय से रह रहे हिन्दू-बंगाली समुदाय के लोगों को नहीं है मत देने का अधिकार

पीलीभीत । स्थानीय प्रखंड अंतर्गत भारतीय किसान मजदूर यूनियन-राष्ट्रवादी संगठन द्वारा गत् 11जून से चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आन्दोलन लगातार 56वें दिन भी जारी रहा। अब तक 300 महिलाएँ भूख हड़ताल पर बैठ चुकी हैं। अनशनकारी तमाम महिलाओं ने कोई भी त्यौहार मनाने से इंकार कर दिया। महिला प्रकोष्ठ की तहसील अध्यक्षा सुनीता पोद्दार ने कहा कि हम कोई भी त्यौहार नहीं मनायेंगे देखें सरकार और अधिकारी हमारी ओर कब तक ध्यान नहीं देंगे। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय गृहमंत्री और सभी संबन्धित जिम्मेदार अधिकारियों को कई-कई बार लिखित रूप में अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि एक वरिष्ठ अधिकारी के आश्वासन पर उन पर भरोसा करके मार्च में आन्दोलन को स्थगित कर दिया गया था। ग्रामीणों के अनुसार रामकोट गाँव में मात्र 800 मीटर का कच्चा रास्ता अभी तक नहीं बनवाया गया जब कि प्रधान व सेक्रेट्री ने फर्जीवाड़ा करके वित्तीय वर्ष 2018-19 में कई हजार रुपये राष्ट्रीय योजना मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य दर्शाते हुए आपस में बन्दर बाँट कर लिया गया, जिसकी शिकायतें करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। लैहारी व रामकोट में एक भी शौचालय, आवास व सड़क नहीं है जबकि तराई क्षेत्रों में हजारों एकड़ ग्राम समाज की जमीनों पर अधिकारियों की मिली भगत से माफियाओं के अबैध कब्जा कर रखा है।

सुनीता पोद्दार ने काफी रोष भरे लहजे में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि मात्र 800 मीटर कच्चे रास्ते की वजह से छ: गर्भवती महिलाओं सहित आठ मौतें हो चुकी हैं और अगर सरकार और प्रशासन चाहता है तो मैं भी इसी धरने पर अपनी कुर्बानी देने को तैयार हूँ परन्तु अधिकारियों और माफियाओं की मनमानी सहने को तैयार नहीं हूँ। पंचायत को संबोधित करते हुए बरेली मण्डल अध्यक्ष चेतन्यदेव मिश्रा ने कहा कि अभी संगठन के बलिदानी दस्ते के अन्दर जनहित में बलिदान हो जाने वालों की कमी नहीं है मेरे रहते हुए मेरे संगठन की महिलाओं को कुर्बानी देनी पड़ी तो मेरे जीवन को धिक्कार है और मैं आज सबके सामने ऐलान करता हूँ कि प्रशासन दोषियों को बचाने के बजाए समस्याओं के समाधान की ओर ध्यान दे वर्ना फिर जो कुछ भी होगा उसका जिम्मेदार सरकार और अधिकारी होंगे। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय सलाहकार व ज़िला अध्यक्ष रमेश चन्द्र दद्दा, जिला प्रवक्ता जाहिद नूर सिद्दीकी, जगदीश सरकार, विधुभूषण सरकार, सुभाष मण्डल, प्रशान्त ढाली, सुनीता पोद्दार, रितिका राय, रितिका मण्डल, दीपाली सरकार, ऊषा सरकार, सुशीला सरकार आदि ने भी संबोधित किया।


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