सोमवार और नागपंचमी का संयोग हैं खास,आइये जानते हैं कितना हैं महत्वपूर्ण

नागपंचमी का पर्व और भी खास हो गया है, क्योंकि नागपंचमी सोमवार को पड़ रही है.
देवो में देव महादेव की उपासना के महीने में उनके प्रिय आभूषण यानि नागों की उपासना का भी विधान है. कहते हैं नागपंचमी के दिन महादेव संग नागों की उपासना से जीवन के सभी दोष-पापों का नाष हो जाता है पुराणों में नाग को देवता माना गया है और नागपंचमी पर नागों के पूजन करने से बड़े-बड़े कष्टों से छुटकारा पाया जा सकता है. इस बार नागपंचमी का पर्व और भी खास हो गया है, क्योंकि नागपंचमी सोमवार को पड़ रही है. आइए जानते हैं आखिर सावन के सोमवार के साथ नागपंचमी का संयोग कितना महत्वपूर्ण है.

सोमवार और नागपंचमी का संयोग:

– सावन शुक्ल पंचमी तिथि को नागों की पूजा का पर्व नागपंचमी मनाया जाता है.

– इस तिथि को भगवान शिव के आभूषण नागों की पूजा की जाती है.

– नागों की पूजा करके आध्यात्मिक शक्ति, सिद्धियां और अपार धन की प्राप्ति की जा सकती है.

– नाग मुख्यतः भगवान शिव जी की शक्ति के प्रतीक हैं

– भगवान शिव जी के महीने के सोमवार सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं.

नागपंचमी पर बन रहा संयोग:

– उसमे भी नागपंचमी का संयोग इसे और भी विशेष बना रहा है.

– इस बार नागपंचमी वाले सोमवार को शिव जी की पूजा से विशेष लाभ होगा.

– ख़ास तौर से राहु केतु की समस्याएं हल हो जाएंगी.

– इस बार सावन के साथ नागपंचमी का महासंयोग 05 अगस्त को बन रहा है.

नागपंचमी पर मिलेगी कृपा:

नागपूजन करते समय 12 नागों का नाम लेना उत्तम होता है:

पहला धृतराष्ट्र, दूसरा कर्कोटक, तीसरा अश्वतर, चौछा शंखपाल.

पांचवां पद्म, छठा कम्बल, सातवां अनंत, आठवां शेष, नौवां वासुकी.

दसवां पिंगल, ग्यारहवां तक्षक और बारहवां कालिया

इन नामों के उच्चारण के बाद इनसे अपने परिवार की रक्षा के लिए प्रार्थना करें.


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